
Scindia wrote a letter to the Railway Minister for Train Track
अजमेर. रेलवे परिसर से होकर गुजर रहे शहर के महत्वपूर्ण कुंदन नगर, ब्यावर रोड, गोल्फ कोर्स रोड, राजा साइकिल सर्किल, फ्रेजर रोड पर लगाए गए बैरियर (गर्डर) हटाए जाने की मांग शहरवासी लगातार रेलवे प्रशासन से कर रहे हैं। शहर वासियों का कहना है रेलवे को शहर हित में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तथा जैन समाज के प्रसिद्ध दादाबाड़ी तीर्थ पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्रृद्धा रखते हुए इन सड़कों से बैरियर (गर्डर) हटाने चाहिए। इसके इन सड़कों से बैरियर हटने से शहर के लोगों को आवाजाही में आसानी होगी। उनका धन और समय बचेगा। शहर को प्रदूषण व जाम से भी निजात मिलेगी। आपातकालीन वाहन, एम्बुलेंस ,पुलिस, अग्निशमन वाहन आदि भी घटना स्थल पर सही समय पर पहुंच पाएंगे।
इनका कहना है
खतगच्छ समुदाय से होने के चलते धार्मिक क्रियाओं को पूर्ण करने के लिए जैन श्वेताम्बर खतरगच्छ दादाबाड़ी जाना पड़ता है। पारिवारिक धार्मिक क्रिया दादाबाड़ी में ही पूर्ण होती हैं। विवाह होते ही दम्पति को दादाबाड़ी जाना पड़ता है। राजा साइकिल की ओर से प्रवेश करते ही कार रेलवे के बैरियर से टकराने लगती है। दादाबाड़ी में प्रवेश का कोई अन्य मार्ग नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेलवे के बैरियर का व्यवहारिक तौर पर कोई उपयोग नहीं है। इसे जनहित में हटाया जाना चाहिए जिसे 847 साल पुराने धर्म स्थल पर श्रृद्धालू आसानी से पहुंच सकें।
नीता जैन, गृहणी
देश की 4 दादाबाडिय़ों में अजमेर दादाबाड़ी प्रथम स्थान पर आती है। जहां प्रथम दादा जिनदत्त सूरी का समाधि स्थल है। विभिन्न राज्यों सेबसों द्वारा तीर्थयात्री दर्शन के लिए आते है लेकिन दादाबाड़ी पहुंचते ही उन्हें रेलवे के बैरियर के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्हें पैदल या ऑटो को मनमाना किराय चुकाकर दादा बाड़ी जाना पड़ता है। यह दुखदायी होता है। रेलवे राजा साइकिल के वाले रास्ते से तुरंत बैरियर हटाए जिससे लोगों को राहत मिल सके।
सुनील कोठारी, व्यवसाई नया बाजार
रेलवे पर्यटकों की सुविधाओं का ध्यान रखे। रेलवे की सड़कों पर लगे बैरियर के चलते पर्यटकों को सुविधा के बजाया दुविधा झेलनी पड़ रही है। रेलवे ने कुंदन नगर, ब्यावर रोड, गोल्फ कोर्स रोड, राजा साइकिल सर्किल, फ्रेजर रोड पर बैरियर लगा रखे हैं इससे दादाबाड़ी पहुंचने में असुविधा होती है। मार्ग कठिनाई भरा महसूस होता है।
मनीषा कांकरिया, मोतीकटला, दरगाह बाजार
रेलवे के बैरियर होने से चौपहिया वाहन दादाबाड़ी नहीं जा पाते। इससे लोगों को पैदल ही आना-जाना पड़ता है। धूप व बारिश में परेशानी होती है। समय का भी नुकसान होता है। रेलवे इन सड़कों से बैरियर हटाकर श्रद्धालुओं के साथ-साथ आमजन को भी राहत दे।
संतोष कोठारी, गृहणी, वीर लोकोशाह कॉलोनी
Published on:
14 Nov 2021 07:10 pm
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
