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छह दिन बाद फरद्दीन का कराया मेडिकल, कलाई पर 50 से ज्यादा घाव

पत्रिका खबर का असर - कलाई पर लगे हैं कई कट, पीठ-गर्दन पर भी चोट के निशान

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अजमेर

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Manish Singh

Feb 25, 2024

छह दिन बाद फरद्दीन का कराया मेडिकल, कलाई पर 50 से ज्यादा घाव

छह दिन बाद फरद्दीन का कराया मेडिकल, कलाई पर 50 से ज्यादा घाव

अजमेर(Ajmer News). सेंट्रल जेल अजमेर में जेल प्रहरी पर जानलेवा हमले में आरोपी और सजायाफ्ता कैदी की मौत के चश्मदीद विचाराधीन बंदी फरद्दीन का शनिवार को अदालत के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मेडिकल कराया। हालांकि श्रवण सोनी के साथ बेरहमी से मारपीट करने वाला जेल प्रशासन फरद्दीन की कलाई को लहूलुहान देखकर घबरा गया।

राजस्थान पत्रिका में 23 फरवरी के के अंक में ‘जेल प्रहरी पर हमले के दूसरे आरोपी का चार दिन बाद भी नहीं हुआ मेडिकल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद फरद्दीन की पत्नी ने अदालत में गुहार लगाई। उसने पति फरद्दीन का मेडिकल करवाने की प्रार्थना की। न्यायिक अधिकारी ने मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस और जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के मेडिकल फोरेंसिक विभाग को मेडिकल करवाने के आदेश दिए। अदालत ने बंदी फरद्दीन की चोट की मेडिकल रिपोर्ट 26 फरवरी तक तलब की है।

गर्दन, कंधे व पैर में चोट

शनिवार दोपहर डेढ़ बजे सेन्ट्रल जेल से फरद्दीन को जेएलएन अस्पताल लाया जाकर मेडिकल बोर्ड से चोटों का मेडिकल करवाया गया। उसने मारपीट में कान पर लगी चोट से सुनने में परेशानी बताई। जबकि पीठ, कंधे, गर्दन, कूल्हे और पिंडली की चोटें बताई। उसके कंधे के नीचे डंडे की चोट का निशान था।

कलाई पर 50 से ज्यादा घाव

फरद्दीन के सीधे हाथ की कलाई पर 50 से ज्यादा ब्लेड से काटे जाने के घाव व निशान हैं। फरद्दीन ने चिकित्सकों को श्रवण पर बर्बरता से डंडे बरसाए जाने के डर के चलते स्वयं की कलाई काटना बताया। उसका कहना था कि श्रवण की बेरहमी से पिटाई देखकर वह घबरा गया था।

कोर्ट के आदेश से बनाया मेडिकल बोर्ड

प्रकरण में कोर्ट के आदेश पर अस्पताल प्रशासन ने भी त्वरित मेडिकल बोर्ड गठित किया। बोर्ड में मेडिकल ज्युरिस्ट, फिजिशियन, अस्थि रोग विशेषज्ञ, सर्जरी, रेडियोजॉली विभाग के चिकित्सक को शामिल किया है। ईएनटी विभाग से भी परामर्श लिया गया।