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साइबर फ्रॉड के लिए फर्जी सिम बेचने वाला नाईजीरियन दिल्ली से गिरफ्तार

अजमेर साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई, जीआरपी की महिला कांस्टेबल से किया था 13.55 लाख का फ्रॉड  

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अजमेर

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Manish Singh

Apr 07, 2024

साइबर फ्रॉड के लिए फर्जी सिम बेचने वाला नाईजीरियन दिल्ली से गिरफ्तार

साइबर फ्रॉड के लिए फर्जी सिम बेचने वाला नाईजीरियन दिल्ली से गिरफ्तार

अजमेर. साइबर सेल थाने ने देश में साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाली फर्जी मोबाइल फोन सिम बेचने वाले विदेशी नागरिक को दिल्ली से पकड़ने में कायमाबी हासिल की है। आरोपी नाइजीरियन मूल का है। वह हरियाणा नूह, मेवात, भरतपुर व झारखंड जामताड़ा के साइबर ठगों को देशी और विदेशी फर्जी सिमकार्ड मुहैया कराता है।शिक्षा वीजा पर आया है भारत

पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार विश्नोई ने बताया कि साइबर थानाप्रभारी व उप अधीक्षक विकास कुमार और उनकी टीम ने नाईजीरिया अनामब्रा स्टेट एलजीए उमेनवेलम अनाम विलेज हाल दिल्ली उत्तम नगर चंदन विहार निवासी सेलवेस्टर ईफानी (42) पुत्र ओकेचुकी को दिल्ली से गिरफ्तार किया। आरोपी शिक्षा वीजा पर भारत आया हुआ है। आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल व दो फर्जी सिम बरामद की गई। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। कार्रवाई में एसआई मनीष चारण, साइबर सेल के एएसआई दुर्गेश सिंह, सिपाही मुकेश, साइबर अपराध थाने से हैडकांस्टेबल भूर सिंह, महिपाल सिंह, अंजुम खान शामिल रहे।

मिजोरम, मुम्बई से सिम की खरीद

पुलिस पड़ताल में आया कि सेलवेस्टर देश के मिजोरम, तमिलनाडू और महाराष्ट्र मुम्बई से फर्जी सिमकार्ड खरीद कर मुहैया करवाता है। फर्जी सिमकार्ड से हरियाणा के नूह, मेवात, भरतपुर, झारखंड के जामताड़ा से साइबर हैकर लोगों के बैंक खातों में ऑनलाइन सेंध लगाते हैं।

सीडीआर ने खोली कुंडली

पुलिस के अनुसार जीआरपी की महिला कांस्टेबल कुन्दन नगर निवासी सुशीला कुमारी ने 12 मार्च को 13.55 लाख रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी की रिपोर्ट दी थी। साइबर थाना पुलिस ने सुशीला को जिन मोबाइल फोन नम्बर से कॉल आए उनकी सीडीआर खंगाली। जिसके बाद टीम ने दिल्ली में दबिश देकर सेलवेस्टर ईफानी को दबोचा।

65 लाख का दिया था झांसा

सुशीला कुमारी को कॉ़लर ने खुद को कस्टम अधिकारी बताते हुए यू.के. से गिफ्ट पार्सल, विदेशी मुद्रा 60 हजार पौंड आने की सूचना देकर पहले रकम जमा कराने को कहा था। पीडि़ता ने लोन लेकर जालसाज को 13 लाख 55 हजार रुपए खातों में जमा करवा दिए। जालसाज ने बैंक खाते में रकम ऐंठ ली।

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