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साझेदारी का झांसा देकर बुजुर्ग से दस लाख रुपए की धोखाधड़ी

क्रिश्चियन गंज थाने में मुकदमा दर्ज  

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अजमेर

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Manish Singh

Sep 22, 2023

साझेदारी का झांसा देकर बुजुर्ग से दस लाख रुपए की धोखाधड़ी

साझेदारी का झांसा देकर बुजुर्ग से दस लाख रुपए की धोखाधड़ी

अजमेर. व्यापार में साझेदारी का झांसा देकर एक 73 साल के वृद्ध के साथ दस लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीडि़त की शिकायत पर क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया।

पुलिस के अनुसार क्रिश्चियनगंज पंचशील ए ब्लॉक निवासी दिलीपकुमार टांक ने रिपोर्ट दी कि वह सरकारी व प्राइवेट शराब के ठेके लेकर संचालन का काम करता है। उसके पास कुन्दन नगर निवासी बबलू, लतीफ पुत्र असगर अली शराब ठेके पर काम करते थे। उसने दोनों को शराब के ठेके की बोली लगाकर या उसके नाम से छूटने वाले ठेके संभालने की जिम्मेदारी दे रखी थी। दोनों लम्बे समय से काम कर रहे थे। दोनों पर उसका सबसे ज्यादा विश्वास था। उम्र ज्यादा होने के कारण वह अब ठेके छुड़वाने का कामकाज भी बबलू व लतीफ से करवाता था। जिसके चलते टेंडर की अग्रिम भुगतान राशि व चल रही दुकानों की बिक्री का कार्य बबलू व लतीफ ही करते थे। बबलू व लतीफ अक्सर उसके घर पर आते थे। छह माह पहले बबलू व लतीफ ने उसको नए ठेके होने बात कहते हुए कहा कि अब दो-चार टेंडर अपन लोग छुड़वाते हैं। वह दोनों को पहले से जानता था और विश्वास करता था। उन्होंने ठेके लेने के लिए दस लाख रुपए की जरूरत बताई। फिर उन्होंने कहा कि अंकल अब अपन साझेदारी में टेंडर लेंगे। पैसा आप लगाना और काम हम संभालेंगे। वह साझेदारी की लिखत पढ़त करवाने की बात कही।

बंद खाते का दे दिया चैक

टांक ने बताया उन्होंने उसको बातों के जाल में फांस लिया। उन्होंने पहले से षड़यंत्र रच रखा था। जिसका उसे आभास तक नहीं हुआ। उनसे टेंडर के संबंध में पूछा तो उन्होंने मई 2023 के आखिर में होने की सूचना दी। उसने 20 मई को उन्हें दस लाख रुपए नकद दे दिए। तब उसका बेटा अंकुर टांक भी मौजूद था। उसकी मौजूदगी में उसने रकम दी। आरोपियों ने उसे जाल में फंसाते हुए एक चैक में दस लाख भरकर देते हुए कहा कि टेंडर नहीं छूटा तो 11 सितम्बर बैंक खाते से रकम निकलवा लेना। उसने विश्वास करते हुए नकद रकम दे दी। रकम लेने के बाद बबलू व लतीफ काफी दिन तक नहीं मिले। ना ही कॉल किया और जब उसने बबलू व लतीफ को कॉल किया लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया। वह मदार साहब रोड खण्डेला हाउस गया तो वह वहां नहीं मिले। उन्होंने उसके साथ जालसाजी की है। उसने चैक भुगतान के लिए बैंक में लगाया तो जवाब मिला कि खाता बंद हो चुका है। बैंक ने 15 सितम्बर को चैक अनादरण मीमो के साथ लौटा दिया। तब उसे यकीन हो गया कि कि उसके साथ बबलू व लतीफ ने षड़यंत्रपूर्वक दस लाख रुपए लेकर हड़़प लिए हैं।