
नटवरलाल पी.सी जैन- निवेशकों के पैसे से जिम्बाब्वे में खरीदी सोने की खदान
अजमेर. निवेशकों को धन दोगुना, तिगुना करने का झांसा देकर करोड़ों रुपए हड़पने वाले टूलिप कम्पनी संचालक प्रकाशचन्द जैन ने निवेशकों की रकम का बड़ा हिस्सा विदेश में भी निवेश किया है। अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में वह सोने की खदान में साझेदार है। इसके अलावा जयपुर की एनआरआई कॉलोनी में भी उसके व पत्नी के नाम पर भूखण्ड और फ्लैट हैं। पुलिस को उसके आवास और ऑफिस से संपत्ति से संबंधित दस्तावेज मिले हैं।
दस्तावेज, कम्प्यूटर उपकरण किए जब्त
अनुसंधान अधिकारी सीओ (दरगाह) गौरीशंकर शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार जयपुर टोक रोड निवासी पी. सी. जैन के कम्पनी कार्यालय से बड़ी संख्या में दस्तावेज व कम्प्यूटर उपकरण जब्त किए। जैन ने टूलिप के जरिए 99 हजार निवेशकों के पैसे निवेश करवाने के बाद टूलिप ग्लोबल लॉन्च की। टूलिप ग्लोबल में करीब 28 लाख निवेशकों को एक साल में धन दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों रुपए निवेश करवाने के बाद वह भूमिगत हो गया। देशभर में मुकदमे दर्ज होना शुरू हुए तो जैन ने चेन सिस्टम के जरिए टुलिप कम्पनी के अधिकांश निवेशकों को पैसा लौटा दिया। गंज थाने में दर्ज प्रकरण में परिवादी सावरसिंह रावत को 13 लाख रुपए भी लौटाए। लेकिन इनामी चिट फंड और धन परिचलन स्कीम अधिनियम से नहीं बच सका। पुलिस उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश करेगी।
रवि देखता है विदेशी कारोबार
शर्मा ने बताया कि पी. सी. जैन का साझेदार रवि जैन उसका विदेशी कारोबार देखता है। रवि पूर्व में दुबई भागने में कामयाब रहा। वह पी. सी जैन की अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में स्थित सोने की खदान का कामकाज भी देखता है। खदान में पीसी जैन साझेदार है। उसने खदान में 30 लाख का निवेश किया था।
पत्नी की गिरफ्तारी शेष
अजमेर पुलिस को टूलिप कम्पनी से जुड़े प्रकरण में जैन की पत्नी शशि जैन की तलाश है। दोनों विदेश भागने की फिराक में थे। जबकि टूलिप ग्लोबल व डी. जी. मुद्रा में साझेदार रवि जैन शामिल है। गेगल और रूपनगढ़ थाने में डीजी मुद्रा कम्पनी से संबंधित प्रकरण दर्ज हैं।
बनाए 28 लाख निवेशक
पुलिस पड़ताल में आया कि टूलिप के बाद बनाई गई टूलिप ग्लोबल के जरिए पी. सी. जैन ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात समेत अन्य राज्यों में 28 लाख लोगों से कम्पनी में निवेश कराया। टूलिप गोल्ड व डी. जी मुद्रा में निवेशकों से सदस्यता शुल्क और टैक्स के रूप में 3100 से 3700 रुपए के हिसाब से करोड़ों की रकम वसूली। बदले में सदस्यों को 400 रुपए कीमत का सूट पीस दिया जाता था। निवेशकों की रकम लेकर भूमिगत हो गया।
Published on:
29 Feb 2024 02:50 pm

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