
ajmer budget hopes
अजमेर.
बढ़ती महंगाई के साथ बेरोजगारी से अर्थव्यवस्था जबरदस्त प्रभावित है। एक तरफ देश की आर्थिक विकास दर 4.5 प्रतिशत मानी गई है। वहीं कारखानों-उद्योगों में तैयार माल की बाजार में खपत नहीं हैं राजस्थान में भी बेरोजगारों को सरकारी भर्ती, किसानों की पूर्ण कर्ज माफी, गृहणियों को खाद्यान्न और जरूरी वस्तुओं के दामों में रियायत का इंतजार है। बुधवार को पत्रिका ने बजट को लेकर आमजन से चर्चा की।
स्टेट हाइवे को टोल फ्री किया जाना चाहिए। पेट्रोल और डीजल पर सेस भी कम करने की जरूरत है। इनसे समाज के सभी वर्ग सीधे जुड़े हैं। उम्मीद है, कि सरकार कुछ कदम उठाएगी।
शिवराज विजय व्यवसायी
कई साल से नया बाजार में बाजार में पार्र्किंग बनाने की घोषणा हो रही है, लेकिन कोई काम दिख नहीं है। नई घोषणाओ के बजाय सरकार को बजट में पुरानी घोषणाओं को पूरा करने पर भी ध्यान देना चाहिए।
लक्ष्मणदास बूलचंदानी, व्यवसायी
विधानसभा चुनाव के समय किए वायदों को बजट में पूरा करना चाहिए। सरकार से संविदाकर्मियों को स्थाई नियुक्ति देने की उम्मीद है।
रामावतार
दिल्ली सरकार की तरह शिक्षा, चिकित्सा, पानी और रोजगार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बजट में प्राइवेट स्कूल की फीस पर लगाम, सरकारी स्कूल को सुधारने पर जोर देना चाहिए। गरीब और मध्यम वर्गीय बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए प्रबंध करने चाहिए।
रघुवीर सिंह गहलोत
बजट में गृहणियों के लिए गैस सब्सिडी और पेट्रोल-डीजल में छूट दी जानी चाहिए। रसोई से जुड़े खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स घटाया जाना चाहिए।
अनुकृति माथुर
यूपीएससी की तरह आरपीएससी का भी भर्ती कलैंडर जारी होना चाहिए। भर्तियों निश्चित अंतराल और नियमित हों यह सरकार को सुनिश्चि करना चाहिए। गजेंद्र सिंहबजट में नई भर्तियां पर उम्मीद है। गहलोत सरकार ने ७५ हजार भर्तियों की घोषणा की है, यह समय पर हों। रिक्त पदों पर भी भर्तियां निकाली जानी चाहिए।
रवि टाडा
Published on:
19 Feb 2020 08:04 pm

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