28 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan-election 2018: ये है किशनगढ़ जनाब…जहां देखें वहां गंदगी, सडक़ें हैं खस्ताहाल

www.patrika.com/rajasthan-news

2 min read
Google source verification
kishangarh city problem

kishangarh city problem

मदनगंज-किशनगढ़.

विधायक भागीरथ चौधरी के गांधीनगर क्षेत्र चौधरी कॉलोनी में घर से सटे एनएच-8 पर अधिकांशत: भारी वाहनों की लम्बी कतारें लगे रहना आम बात है। क्षेत्र के हाइवे एवं मकराना चौराहा पर इन वाहनों के कारण आए दिन जाम लगने की समस्या काफी लम्बे समय से बनी हुई है। यहीं हालत नगर के किशनगढ़-हनुमानगढ़ मेगा हाइवे और नसीराबाद नेशनल हाइवें पर बने रहते हंै। नगर के मुख्य मार्ग और भीतरी सडक़ें भी खस्ताहाल है।

सफाई :

किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कचरा संग्रहण प्रबंधन व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। ऐसे में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के मार्गों पर गंदगी और कचरा फैला नजर आना आम बात है।

पेयजल :

विधायक ने विधानसभा चुनाव में पुनर्गठित शहरी पेयजल योजना की पूर्ण क्रियान्विति और घर घर बीसलपुर का पानी सप्लाई करने का वादा किया था लेकिन अब तक इस योजना का प्रथम चरण का ही कार्य ही पूरा हो सका है और भीतर क्षेत्र में नई पाइप लाइन बिछाने का न तो काम पूरा हुआ और न ही कनेक्शन दिए गए। क्षेत्र में जलापूर्ति भी नियमित नहीं है।

यातायात :

नगर के मुख्य बाजार में बढ़ते अस्थायी अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था नहीं होने से आए दिन जाम लगा रहता है और यहां वाहन रेंगते है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह सार्वजनिक परिवहन के साधन भी पर्याप्त नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों और मार्बल मजदूरों को निजी वाहनों और टैक्सियों में सफर करना पड़ता है।

शिक्षा :

नगर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की ज्यादातर सरकारी स्कूलों में कक्षा कक्षों और शिक्षकों की कमी जस की तस बनी हुई है। रखरखाव के लिए पर्याप्त बजट भी नहीं मिल सका।

विधायक कहिन

कांग्रेस काल में न तो एक मीटर सडक़ बनी और न ही एक मीटर पेयजल पाइप लाइन बिछाई गई। मेरे पांच साल के कार्यकाल में किशनगढ़ से नसीराबाद तक 32 किलोमीटर नई स्टील की पेयजल पाइप लाइन बिछाई गई। इसके अतिरिक्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार और विकास से जुड़े कई कार्य किए गए। नई पाइप लाइन से पेयजल सप्लाई भी शुरू कर दी गई है।
-भागीरथ चौधरी, विधायक

केवल भाजपा के अच्छे दिन आए

पांच साल में केवल भाजपा के अच्छे दिन रहे। किसान, व्यापारी और आम आदमी बर्बाद हो गए। किसान को मजबूरन व्यापारियों को मूंग सस्ते दामों पर बेचना पड़ रहा है। सडक़ें खुदी पड़ी है, बिजली कटौती का कोई समय निश्चित नहीं है और पीने के पानी की समस्या बनी हुई है।

-नाथूराम सिनोदिया, पूर्व विधायक