
Ajmer News: राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के केन्द्रीय बस स्टैंड से ग्रामीण क्षेत्रों व अजमेर के पेरीफेरी क्षेत्रों के लिए चलने वाली बसें बंद किए जाने से लोगों को परेशानी के साथ ही रोडवेज को लाखों रुपए का घाटा हो रहा है। यात्रियों को परिवहन के निजी साधनों से आना-जाना पड़ता है। जवाहर स्कूल, टोडरमल मार्ग, जवाहर स्कूल, चौपाटी, जयपुर रोड आदि क्षेत्रों पर बने अस्थायी बस अड्डों पर बसों तक पहुंचना पड़ता है।
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के केन्द्रीय बस स्टैंड से सीमावर्ती गांवों-कस्बों के लिए रोडवेज बसों के फेरे बंद कर दिए गए हैं। कुछेक स्थानों के लिए दिन भर में सिर्फ एक बस है, जबकि शटल सेवा के फेरे भी आधे रह गए हैं। इससे रोडवेज को राजस्व का नुकसान हो रहा है। निजी बस ऑपरेटर्स मनमाना किराया वसूल रहे हैँ। कहीं भी सवारियों को उतार दिया जाता है। बसों की रवानगी अपनी सहूलियत अनुसार करते हैं।
अजमेर डिपो के लिए कम से 30-40 बसों की दरकार है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष कर अप डाउनर्स व सरकारी सेवा में कार्यरत लोगो के लिए निजी बसों के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं है।
रूपनगढ़ - पनेर, झाक, सीकर लोकल, अंराई वाया भोगादीत, नसीराबाद, पुष्कर, किशनगढ़। इन मार्गों पर इक्का-दुक्का बसें चल रही हैं। किशनगढ़ में पांच फेरे के स्थान पर एक फेरा रह गया है। शेष स्थानों के लिए बसें बिल्कुल बंद की जा चुकी हैं।
केकडी, मसूदा, गोविंदगढ़ में एक-एक फेरे, मालपुरा में चार फेरे चल रहे हैं। कादेड़ा,श्रीनगर, रामसर, बोराड़ा, पीसांगन मार्ग पर बसें बंद की जा चुकी हैं।
Published on:
21 Jul 2024 01:39 pm
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