
सुरेश लालवानी / अजमेर . माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान को केंद्रीय मूल्यांकन पद्धति के तहत कॉपियां जांचना रास आने लगा है। पिछले वर्ष प्रायोगिक तौर पर शुरू की गई इस व्यवस्था के अच्छे परिणाम से उत्साहित बोर्ड प्रशासन ने इस साल इसका दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। इस साल की परीक्षाओं की अधिकांश उत्तरपुस्तिकाएं केंद्रीय मूल्यांकन पद्धति से ही जंचवाई जाएगी।
परीक्षार्थियों की संख्या लगातार बढऩे की वजह से उत्तरपुस्तिकाएं तय समय में जंचवाना बोर्ड के लिए चुनौती बनती जा रही है। पूरे राज्य में दूर दराज जिलों अथवा गांवों में रहने वाले परीक्षकों को उत्तरपुस्तिकाएं घर तक पहुंचना और वापस बोर्ड कार्यालय तक लाने में लगने वाले समय की वजह से कई बार समय पर परिणाम निकालना मुश्किल हो जाता था। परीक्षकों के घर पर कॉपियां जांचने की वजह से कई बार विद्यार्थियों को उनकी मेहनत के अनुरूप अंक भी नहीं मिल पाते हैं। इसी वजह से प्रत्येक वर्ष उत्तरपुस्तिकाओं की संवीक्षा (री-टोटलिंग) में हजारों विद्यार्थियों का परिणाम बदल जाता है।
Published on:
22 Feb 2018 07:41 am
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