– इन्वेस्टर समिट: उद्यमों के लिए आधारभूत सुविधाएं नहीं, कैसे लगें उद्योग अजमेर. गत वर्ष आठ नवम्बर को जिला स्तरीय इन्वेस्टर समिट में कागजों में तो 14 हजार करोड़ से अधिक के एमओयू हुए लेकिन जमीनी हकीकत इसके कतई उलट है। इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित नहीं होने से उद्यमी निराश हैं। औद्योगिक क्षेत्र के विकास की नोडल […]
- इन्वेस्टर समिट: उद्यमों के लिए आधारभूत सुविधाएं नहीं, कैसे लगें उद्योग
अजमेर. गत वर्ष आठ नवम्बर को जिला स्तरीय इन्वेस्टर समिट में कागजों में तो 14 हजार करोड़ से अधिक के एमओयू हुए लेकिन जमीनी हकीकत इसके कतई उलट है। इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित नहीं होने से उद्यमी निराश हैं। औद्योगिक क्षेत्र के विकास की नोडल एजेंसी ‘रीको’ को स्वयं के निष्पादित एमओयू को ही अमली जामा पहनाने में पसीने छूट रहे हैं। हालांकि अधिकारी पालरा औद्योगिक क्षेत्र विस्तार के लिए वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति जल्द मिलने को लेकर उम्मीद हैं।
‘रीको’ को भरोसा है कि स्वीकृति मिलने के साथ तेजी से विकास कार्य कराएंगे। इन्वेस्टर समिट में रीको के जरिए किए गए करीब दो दर्जन से अधिक एमओयू में से नए उद्यमियों को पालरा विस्तार में जमीन देने की तैयारी कर ली गई है। कुछ प्रस्ताव पुराने उद्यमियों के विस्तार के हैं। वह भी सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद शुरु कर दिए जाएंगे।
---------------------------------------------------
गत वर्ष 8 नवम्बर को अजमेर में आयोजित जिला स्तरीय इन्वेस्टर्स मीट में मार्बल-ग्रेनाइट, टैक्सटाइल, चिकित्सा, शिक्षा, होटल-रिसॉर्ट, खनन, सोलर, एग्रो-फूड प्रोसेसिंग के 14 हजार करोड़ की राशि के 301 एमओयू हुए थे। इनसे 15 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की संभावना बताई गई थी। लेकिन फिलहाल कोई सकारात्मक शुरुआत नजर नहीं आ रही।
विभाग राशि एमओयूडीआईसी 3 हजार 739 करोड़ 210
रीको 48 करोड़ 08एडीए 10 हजार 144 करोड़ 56
पर्यटन विभाग 47 करोड़ 05खान भू-विज्ञान 14 करोड़ 16
कृषि विपणन बोर्ड 31 करोड़ 06
कुल एमओयू - 301
---------------------------------------------------------------
पालरा विस्तार क्षेत्र एक नजर में
कुल भूखंड - 75औद्योगिक क्षेत्र - 27.85 हैक्टेयर
भूखंड संख्या क्षेत्रफल (वर्गमीटर)स्पेशल 1 11942
ई-1 5 3000एफ 13 1950
जी 31 1500जी-1 5 1000
एच 6 700एच-1 10 500
डब्लयूएच 2 5000कुल 75 4500
वर्तमान में प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति का इंतजार है
इनका कहना है
रीको के जरिए हुए एमओयू की कार्य योजना तैयार है। पालरा विस्तार की स्वीकृति मिलने के साथ निवेशकों को जमीन आवंटित की जाएगी। इसके बाद औद्योगिक विकास के आधारभूत काम शुरू कर दिए जाएंगे।
शिव कुमार दीक्षित, वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक रीको अजमेर।