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अजमेराइट्स को बेसब्री से इंतजार है इस रोड का, बहुत गहरा राज छुपा है इसके पीछे

जमीन अधिग्रहण जैसे तकनीकी कारणों के चलते रिंग रोड पूरे सर्किल में नहीं बन पा रही है।

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ring road need in ajmer

अजमेर/गगवाना

अजमेर में बढ़ते यातायात दबाव को हल करने के लिए अब महानगरों की तर्ज पर रिग रोड ही एक उपाय नजर आ रहा है। हालाकि अजमेर के काफी हिस्से में बाहरी मार्ग रिंग रोड का रूप ले चुका है लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों व जमीन अधिग्रहण जैसे तकनीकी कारणों के चलते रिंग रोड पूरे सर्किल में नहीं बन पा रही है। कुछ क्षेत्र पहाड़ी होने के कारण यहां रास्ता बनाने में वक्त लगेगा लेकिन अजमेर में रिंग रोड के रूप में बाहरी मार्ग विकसित होने लगे हैं। आने वाले समय में पूरा सर्किल बनने के बाद यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है।

मदार से जयपुर रोड के लिए सड़क चौड़ी होने की दरकार
मदार रेलवे स्टेशन सेटेलाइट के रूप में विकसित होने के बाद यहां आने वाले समय में ट्रेनों का रुकना बढ़ेगा। ऐसे में यात्रियों को शहर की ओर आने के लिए मौजूदा श्रीनगर रोड के अलावा कोई रास्ता नहीं है। इसके साथ ही मदार स्टेशन से कोई जयपुर रोड के रास्ते शास्त्री नगर, वैशाली नगर, पंचशील, हरिभाऊ उपाध्याय नगर व पुष्कर दिशा की ओर जाना है तो उसे फिलहाल बस स्टैंड तो आना ही पड़ेगा। कायड़ विश्राम स्थली से मदार स्टेशन की नजदीकी होने के कारण इस रास्ते को चौड़ा किया जाने की मांग की गई है।

यह है विकल्प
इस दबाव को कम करने के लिए मदार स्टेशन से रसूलपुरा होते हुए कांकरदा जयपुर रोड पर मौजूदा मार्ग को चौड़ा कर दिया जाए तो मदार गुलाबबाड़ी से आने वाला सड़क यातायात शहर या बस स्टैंड न जाकर सीधे जयपुर रोड से जुड़ सकता है। इसमें एक रास्ता मदारपुरा गांव होते हुए जयपुर रोड जोड़ा जा सकता है लेकिन यहां कई मकान या निर्माण हटाने पड़ सकते हैं। यहां से वह एमडीएस जनाना अस्पताल लोहागल होते हुए झलकारी व वैशाली नगर पहुंचा सकता है।

मदार रोड सौ फीट चौड़ा किए जाने की मांग

राजस्थान जनसुख मंच ने नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी को पत्र भेजा है। इसमें बताया गया है कि यूआईटी चैयरमेन रहे ओंकारसिंह लखावत के कार्यकाल में मदार से म कायड़ विश्राम स्थली से मदार स्टेशन की नजदीकी होने के कारण इस रास्ते को चौड़ा किया जाने की मांग की गई है। दारपुरा व रसूलपुरा होकर जयपुर रोड तक प्रस्तावित 100 फीट चौड़े कार्य कराए जाने की मांग की है।
जेपी नगर, एडीए की कॉलोनियां व गुलाबबाड़ी आदि में आबादी विस्तार के चलते यह मार्ग महत्वपूर्ण होगा। मौजूदा समय में आउटर मार्ग

1- किशनगढ़ से पुष्कर की ओर .......
जयपुर रोड से अशोक उद्यान के पास होते हुए कायड़ व यूनिवर्सिटी तिराहे से एमडीएस होते हुए जनाना के रास्ते लोहागल रोड से झलकारी बाई स्मारक पहुूंचा जा सकता है। यहां से माकड़वाली, होकर, बूढ़ा पुष्कर, पुष्कर मेड़ता व नागौर बीकानेर जाया जा सकता है।

ब्यावर से जयपुर की ओर..........
2- नसीराबाद या ब्यावर रोड से जयपुर रोड जाने के लिए परबतपुरा चौराहा से नारेली मार्ग पकड़ा जा सकता है लेकिन शहरी क्षेत्र से होकर जाना है तो नौ नम्बर पैट्रोल पंप से मेयो कॉलेज, होते हुए नेहरू नगर, मदार नाके के उपर बने आरओबी से जयपुर रोड की ओर जाया जा सकता है।

मदार स्टेशन से जयपुर रोड के रास्ते के लिए मेरे अध्यक्षीय कार्यकाल में संभवत: कुछ राशि भी स्वीकृत की गई थी। यदि यह मार्ग विकसित होता है तो स्टेशन से आने वाले लोगों को बिना यातायात दबाव के जयपुर रोड बहुत कम समय व दूरी में कवर किया जा सकता है। इससे शहर के यातायात का दबाव भी कम होगा।

ओंकार सिंह लखावत, अध्यक्ष राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण।