प्रदेश में गुलाब (Rose)की खेती ला सकती है खुशहाली (prosperity)

प्रदेश में गुलाब (Rose)की खेती ला सकती है खुशहाली (prosperity)

Chandra Prakash Joshi | Updated: 10 Aug 2019, 11:01:40 PM (IST) Ajmer, Ajmer, Rajasthan, India

प्रदेश के किसान गुलाब(Rose) की खेती से बढ़ा सकते हैं आय,गुलाब के उत्पाद तैयार कर उद्योग को बढ़ावा

चन्द्र प्रकाश जोशी
अजमेर (Ajmer). प्रदेशभर में गुलाब (Rose) की खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। पुष्कर (Pushkar)में गुलाब की खेती का किसानों को जमीनी प्रशिक्षण कारगर साबित हो सकता है। गुलाब की खेती के साथ गुलाब के फूलों से तैयार उत्पाद की अन्तरराष्ट्रीय डिमांड फिलहाल अकेले पुष्कर पर ही निर्भर है। हालांकि चित्तौडगढ़़ में भी अब गुलाब (Rose) की खेती के प्रति किसानों (Farmers)का रुझान बढ़ा है। गुलाब की क्वालिटी के मामले में पुष्कर के गुलाब का कोई सानी नहीं है।
अजमेर सहित प्रदेशभर में गुलाब की खेती एवं उद्यानिकी के प्रति रुझान बढ़ा है। अजमेर के पुष्कर, देवनगर, मोतीसर, गनाहेड़ा, चित्तौडगढ़़ जिले के कई गावों, हल्दीघाटी के आसपास के क्षेत्र, गंगानगर सहित कुछ अन्य जिलों में अब गुलाब की खेती की जा रही है। पुष्कर में देशी गुलाब की खेती पर किसानों का अधिक फोकस है। गुलाबी रंग का देशी गुलाब की महक अच्छी होने के साथ गुलकंद एवं गुलाबजल (Rose water)के लिए बेहतर है। पुष्कर का गुलाब एवं उत्पाद की सेल्फ लाइफ एक वर्ष से भी अधिक की है। जबकि अन्य जगह के गुलाब की सेल्फ लाइफ बहुत कम है। अजमेरा ग्रामोद्योग इकाई के पूनमचंद अजमेर के अनुसार ईरान, इराक, सऊदीअरब, नेपाल, मलेशिया सहित अन्य देशों में पुष्कर (Pushkar)के गुलकंद, गुलाबजल आदि की सप्लाई पुष्कर से होती है।

किसान ऐसे बढ़ा सकते हैं आय

गुलाब की खेती से किसान गुलाब का उत्पादन कर फूलों के देश के विभिन्न राज्यों में डिमांड अनुसार भेज सकते हैं। आय का यह मुख्य जरिया है। इसके साथ किसान परिवार गुलकंद, गुलाबजल, इत्र एवं सेन्ट की औद्योगिक इकाई स्थापित कर भी आय अर्जित कर सकते हैं।

पुष्कर (Pushkar)की मॉडल खेती अपनाएं

गुलाब की खेती के लिए पुष्कर की रेतीली मिट्टी, मिट्टी के उपलब्ध तत्व, मौसम की अनुकूलता एवं पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने से यहां गुलाब की खेती मॉडल के रूप में है। प्रदेशभर के किसानों को उद्यानिकी विभाग की ओर से गुलाब की खेती के लिए प्रशिक्षण पुष्कर में देने से किसानों को फायदा मिलेगा। किसान मोहनलाल चौहान (82 वर्षीय) के अनुसार पुष्कर में एक बार गुलाब की पौध रोपेने के बाद करीब 20 से 22 साल तक फूलों का उत्पादन होता है।
पुष्कर में 25 हजार किग्रा गुलाब के फूलों का प्रतिदिन उत्पादन, 5000 व्यक्तियों को मिल रहा रोजगार,50 औद्योगिक इकाइयां स्थापित है,10 क्विंटल गुलकंद का प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है।

इन राज्यों में भी पुष्कर के गुलाब व उत्पाद की डिमांड

महाराष्ट, तमिलनाड़ू, पश्चिमी बंगाल, बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, राजस्थान सहित अन्य राज्यों में पुष्कर के गुलाब के फूल, गुलकंद, गुलाबजल आदि की डिमांड रहती है।

 

खेती के साथ किसान करें इकाइयां स्थापित
-गुलाब के फूलों का सूखाकर सप्लाई।
-गुलाब के फूलों से गुलकंद निर्माण की इकाई की स्थापना।
-गुलाब के फूलों से गुलाबजल निर्माण की इकाई स्थापना।
-गुलाब से इत्र व सेन्ट बनाने की इकाई स्थापित की जा सकती है।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned