RPSC : राजस्थान लोक सेवा आयोग सहायक आचार्य भर्ती-2023 में चार से लेकर 48 विषयों तक फॉर्म भरने वाले अभ्यर्थियों की कुंडली खंगालने में जुटा है।
अजमेर. RPSC : राजस्थान लोक सेवा आयोग सहायक आचार्य भर्ती-2023 में चार से लेकर 48 विषयों तक फॉर्म भरने वाले अभ्यर्थियों की कुंडली खंगालने में जुटा है। नियमानुसार अभ्यर्थी एक अथवा दो विषयों में पीजी डिग्री होने पर आवेदन करते हैं, लेकिन 358 अभ्यर्थियों ने जिस तरह आवेदन किए हैं, उससे कोचिंग-पेपर माफिया की साठ-गांठ से इंकार नहीं किया जा सकता है।
आयोग के तत्वावधान में कॉलेज शिक्षा विभाग की सहायक आचार्य भर्ती-2023 होनी है। आयोग ने 48 विषयों में 1913 पदों के लिए जून-जुलाई में फॉर्म भरवाए। राज्य में 2 लाख 01 हजार 136 अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरे। अभ्यर्थियों के फॉर्म की जांच करने पर गड़बड़ियां मिली। इसमें 297 अभ्यर्थियों ने चार या इससे अधिक विषय, 54 ने पांच या इससे अधिक विषय, पांच अभ्यर्थियों ने 26 विषय तथा दो अभ्यर्थियों ने 48 विषयों में फॉर्म भरे।
कैसे ले सकते है 26 या 48 डिग्री?
नियमानुसार कॉलेज-स्कूल शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थी अधिकतम दो-तीन अथवा चार विषयों में आवेदन करते हैं। हालांकि उसमें जिस पद-विषय के आवेदन मांगे हैं, उसका आवेदन में जिक्र होना जरूरी किया है। इसके अलावा स्वघोषणा पत्र भी भरना जरूरी है। अभ्यर्थियों द्वारा पीजी स्तर पर 26 से 48 डिग्रियां लेने पर आयोग का शक गहरा गया है। नाम नहीं छापने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि यह कोचिंग-पेपर माफिया की साजिश का हिस्सा हो सकता है, ताकि परीक्षा में किसी तरह पेंच फंसे।
अधिकृत सूत्रों के अनुसार ज्यादा विषयों में फॉर्म भरने वाले अभ्यर्थियों को लेकर आयोग गंभीर है। आयोग 358 अभ्यर्थियों के नाम एसओजी को भेजेगा। आयोग को आशंका है कि ज्यादा विकल्प भरने और पेपर में तकनीकी त्रुटियां निकालकर कोर्ट में याचिकाएं लगा सकते हैं।
दस्तावेजों की होगी जांच
परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता के अनुसार आयोग ने अभ्यर्थियों को दस्तावेज लेकर व्यक्तिगत बुलाया गया है। जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेज वांछित नहीं मिलेंगे उनके बारे में फुल कमीशन ही फैसला लेगा।