
rpsc soon gives posting LDC
दिलीप शर्मा/अजमेर।
प्रदेश को अब विभिन्न विभागों में करीब छह हजार कनिष्ठ लिपिक मिल सकेंगे। करीब चार साल से अटकी भर्ती में कम्प्यूटर प्रशिक्षण की आखिरी फांस भी निकल गई है। राजस्थान लोक सेवा आयोग की पूर्णपीठ की बैठक में सिद्धांतत: सहमति बन गई है। पूर्णपीठ ने अब प्रत्येक उस अभ्यर्थी को नियुक्ति के लिए पात्र माना है, जिसने कम्प्यूटर विषय से डिप्लोमा, डिग्री या बीटेक आदि पाठ्यक्रम उत्तीर्ण कर रखा है।
पूर्णपीठ के मिनट्स आगामी दिनों में जारी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया जाएगा। इससे करीब दो से ढाई हजार अभ्यर्थी जो अपात्र हो सकते थे, वह अब नियुक्ति पा सकेंगे। आयोग संभवत: नवम्बर के अंतिम सप्ताह में कार्मिक विभाग को एलडीसी 2013 के मंत्रालयिक कर्मचारियों की अभिस्तावना भेज देगा। कार्मिक विभाग विभिन्न अधीनस्थ विभागों में रिक्त पदों के अनुरूप कनिष्ठ लिपिकों की नियुक्तियां देगा।
अभ्यर्थियों के हितों में होते गए निर्णय
एलडीसी भर्ती परीक्षा 2013 करीब चार साल से पूरी नहीं हो रही थी। पेपर लीक होने के बाद परीक्षा के भी जद में आ जाने से परीक्षा दोबारा हुई। दूसरे चरण की परीक्षा में टाइप टेस्ट में अंकों को दिए जाने का मामला विवादों में आया। फिर अभ्यर्थियों को कम्प्यूटर कोर्स निर्धारित तिथि से पूरा किए जाने की अनिवार्यता का मामला कोर्ट पहुंच गया। हाईकोर्ट ने गत दिनों अंतिम परीक्षा होने के पहले तक किए गए अभ्यर्थियों को पात्र माना। इसके साथ ही आयोग ने भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी। गत आठ नवम्बर को सचिवालय संवर्ग में 195 में से 115 अभ्यर्थियों व आयोग के लिए 40 में से 24 अभ्यर्थियों की अभिस्तावना भेजी जा चुकी है।
पाठ्यक्रम का विवाद यूं आया सामने
आयोग में जब इन अभ्यर्थियों के विस्तृत आवेदनों की जांच की जा रही थी तब पात्रता की शर्तों अनुसार जिन अभ्यर्थियों ने आरएससीआईटी के तहत कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त नहीं कर रखा था उनके आवेदन अलग कर दिए गए। इससे करीब ढाई से तीन हजार अभ्यर्थी पात्रता के दायरे से बाहर हो रहे थे। इस समस्या को देखते हुए आयोग ने बुधवार को पूर्णपीठ की बैठक बुलाई। इसमें इस बात पर सहमति बनी कि जिन अभ्यर्थियों ने तीन माह के डिप्लोमा से भी अधिक डिग्री यथा बीटेक, एमसीए बीसीए या अन्य कर रखी हैं वह पात्र होंगे।
वर्ष 2011 में भी दी थी अनुमति
आयोग सूत्रों के अनुसार अभ्यर्थियों के हितों को देखते हुए बीटेक व अन्य समकक्ष कम्प्यूटर डिग्री के अभ्यर्थियों को पात्र मानते हुए इनके नाम भेजे जाएंगे। गौरतलब है कि आयोग की ओर से जारी विज्ञापन में केवल डिप्लोमा कोर्स का उल्लेख है उसमें बीटेक या अन्य डिग्री का उल्लेख नहीं था। इसी कारण यह समस्या पैदा हुई। वर्ष 2011 की एलडीसी परीक्षा में भी बीटेक अभ्यर्थियों को अनुमति दी जा चुकी है। पात्रता की जांच के दौरान ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदनों को आयोग ने अलग रख दिया था। इसके बाद पूर्णपीठ की बैठक में चर्चा कर निर्णय किया गया।
आंकड़ों की जुबानी
- 11 जनवरी 2014 : पहली बार परीक्षा हुई
- 6 लाख 95 हजार 592 अभ्यर्थी पंजीकृत
- 5 लाख 30 हजार 227 अभ्यर्थी बैठे
- पर्चा लीक प्रकरण के कारण परिणाम जारी नहीं हो सका
- 4 दिसम्बर 2015 को परीक्षा रद्द
- 23 अक्टूबर 2016 दुबारा परीक्षा हुई
- 3 लाख 4,771 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे
- 7 व 8 मार्च 2017 को दूसरे चरण की टंकण परीक्षा
- 8 मार्च 2017 टंकण परीक्षा परिणाम जारी
- 31 मार्च 2017 को अंतिम परिणाम जारी : 7538.
- 7 जलाई 2017 को संशांधित अंतिम परिणाम जारी.
- 15 नवम्बर 2017- पूर्णपीठ की बैठक में किसी भी समकक्ष कम्प्यूटर डिग्रीधारी को पात्र मानने की सहमति।
Published on:
16 Nov 2017 08:35 am
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