RPSC: वॉट्सएप पर डाला था पेपर और ओएमआर, अब होगी कार्रवाई

पुख्ता सबूत के बाद आयोग संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगा।

अजमेर.

प्राध्यापक भर्ती परीक्षा-2108 के तहत सोशल मीडिया पर सामान्य ज्ञान का पेपर और ओएमआर शीट वायरल मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग (rpsc ajmer) जांच में जुटा है। आयोग ने रोल नंबर और केंद्र की पहचान कर ली है। आयोग ने पेपर आउट (no paper out) होने से इंकार किया है। पुख्ता सबूत के बाद आयोग संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगा।

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आयोग की प्राध्यापक भर्ती परीक्षा (school lecturer)-2018 जारी है। सोमवार को सुबह 9.30 से 10.30 बजे तक सामान्य ज्ञान का पेपर हुआ था। सोशल मीडिया (socail media) पर सामान्य ज्ञान का पेपर और ओएमआर शीट वायरल हो गया। दावा करने वाले ने पेपर बुकलेट और ओएमआर शीट के नंबर भी वायरल किए। बुकलेट (booklet)में पवन कुमार शर्मा नाम लिखा है। साथ ही बुकलेट नंबर 2120090 भी लिखा नजर आया है। उस पर एलएस-91 भी लिखा है।

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रोल नंबर और केंद्र चिन्हित

पत्रिका के अवगत कराने पर आयोग अध्यक्ष (rpsc chairman) ने तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराई। यह रोल नंबर 531018 निकला। साथ ही जयपुर का केंद्र कोड 16/0776 पाया गया। संबंधित रोल नंबर का व्यक्ति श्रीगंगानगर का है।

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आयोग दर्ज कराएगा मामला

ओएमआर शीट (OMR sheet) और सामान्य ज्ञान (GK) का पर्चा परीक्षा के बाद या पहले आने को लेकर आयोग तकनीकी जांच में जुटा है। आयोग ने पेपर आउट नहीं माना है। इस बारे में विशेषज्ञों और अधिकारियों से चर्चा की गई है।

पहले यूं पहुंचे थे आरोपी तक
1 नवंबर 2018 को आयोग की वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक) प्रतियोगी परीक्षा-2018 का हिंदी का पेपर बाडमेर जिले में वायरल हो गया था। हिंदी के पेपर से जुड़े ई-मेल और वॉट्सएप नंबर आयोग के लिए मददगार साबित हुए। आयोग सहित पुलिस की आईटी और साइबर टीम ने कड़ी दर कड़ी भेजे (फॉरवर्ड) गए ई-मेल एड्रेस तलाशे। साथ ही बाडमेर के वॉट्सएप नम्बर की भी जांचे। इसके बूते ही आयोग, बाडमेर जिला प्रशासन और पुलिस सूत्रधार और केंद्र तक पहुंची थी।


मामले की जांच जारी है। रोल नंबर और सेंटर की पहचान हो चुकी है। विशेषज्ञों से चर्चा के बाद मामला दर्ज कराया जाएगा।
दीपक उप्रेती, अध्यक्ष राजस्थान लोक सेवा आयोग

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raktim tiwari Reporting
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