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एक खास कलैंडर को ढूंढ रहे है अफसर, पूरे दफ्तर में नहीं मिला कोई सबूत

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exam calendor of rpsc

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अजमेर.

लगातार भर्तियों का विज्ञापन निकाल रहे राजस्थान लोक सेवा आयोग का भर्तियों का कलैंडर अपडेट नहीं है। वेबसाइट पर भर्तियों का कलैंडर अपलोड नहीं हुआ है। आयोग के आईटी सेल ने इसमें साल 2018 की भर्तियों की तिथियां-कार्यक्रम नहीं जोड़ा है।

आयोग की रोजगार एक्सप्रेस बीते मार्च से वापस शुरू हुई। पिछले दिनों संस्कृत शिक्षा विभाग में प्राध्यापक (विद्यालय), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में फिजियोथेरेपिस्ट, माध्यमिक शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अध्यापक विशेष शिक्षा, व्याख्याता सारंगी, माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापक, महिला अधिकारिता विभाग में संरक्षण अधिकारी, नियोजन विभाग में सहायक नगर नियोजक सहित अन्य भर्तियों के विज्ञापन मांग चुका है। इसके अलावा राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सीधी भर्ती सेवा)-2018 का विज्ञापन भी जारी हो चुका है।

भर्तियों का कलैंडर नहीं
आयोग को इस साल आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा सहित कॉलेज लेक्चरर, प्राध्यापक विद्यालय, माध्यमिक शिक्षा विभाग में अध्यापक विशेष शिक्षा, स्कूल व्याख्याता सहित अन्य परीक्षाएं करानी हैं। इसके बाद वेबसाइट पर भर्ती कलैंडर अपडेट नहीं है। हालांकि आयोग ने 2016 के कलैंडर को हटा दिया है, लेकिन नया कलैंडर अपडेट भी नहीं किया है। ऐसा तब है, जबकि कई मामलों में आयोग की परीक्षा तिथियां कलैंडर संघ लोक सेवा आयोग, विश्वविद्यालयों और अन्य एजेंसी से टकराती है। इसके चलते परीक्षा कराने में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उप्रेती चाहते हैं कलैंडर
अध्यक्ष दीपक उप्रेती नया कलैंडर बनाना चाहते हैं। इसको लेकर कार्मिक विभाग और सरकार से बातचीत जारी है। लेकिन अब तक विभिन्न भर्तियां और उनको लेकर कोई खास काम नहीं हुआ है। पूर्व अध्यक्ष डॉ. राधेश्याम गर्ग ने भी भर्ती कलैंडर बनाने की इच्छा जताई थी। लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए थे।

रिक्त रहा था अध्यक्ष पद
आयोग में पिछले एक साल में दो बार अध्यक्ष पद रिक्त रह चुका है। आयोग में बीते साल 10 जुलाई को डॉ. ललित. के. पंवार के बाद सरकार ने आयोग के सदस्य श्याम सुंदर शर्मा को अध्यक्ष नियुक्त किया। शर्मा का कार्यकाल 28 सितम्बर 2017 को खत्म हो गया था। इसके बाद पिछले साल ढाई महीने तक अध्यक्ष पद रिक्त रहा था। इसके बाद डॉ. राधेश्याम गर्ग का कार्यकाल 2 मई को खत्म हुआ था। सरकार ने 21 जुलाई को दीपक उप्रेती को अध्यक्ष नियुक्त किया था।