
rpsc take opinion
सरकारी नौकरियों में विशेष पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर मंथन शुरू हो गया है। राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. ललित के. पंवार फैसले के संबंध में गुरुवार कार्मिक विभाग के अधिकारियों से चर्चा करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर विधि विशेषज्ञों से राय शुमारी भी की जाएगी।
डॉ. पंवार जयपुर में अधीनस्थ कर्मचारी सेवा चयन बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष महेन्द्र सिंह नरूका से भी चर्चा करेंग। चर्चा के दौरान आगामी परीक्षाओं के आयोजन, आरक्षण के अनुपात व रिक्त पदों की स्थिति पर चर्चा की जाएगी।
फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को एसबीसी आरक्षण के संबंध में नवीन पद सृजित करने के निर्देश दिए हैं। चर्चा के दौरान नवीन पद सृजन की प्रक्रिया को लेकर नीति निर्धारण व विभागों में रिक्त पदों की स्थिति आदि मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उसके बाद संभावित अभ्यर्थियों की संख्या व परीक्षा केन्द्रों की स्थिति व उपलब्धता आदि तमाम बिन्दुओं पर विचार-विमर्श होगा।
सामान्य वर्ग नहीं होगा प्रभावित
एसबीसी आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मूल याचिका का निस्तारण नहीं किया है। विधि विशेषज्ञों की मानें तो मौजूदा भर्तियां जिनमें केवल नियुक्तियां दी जानी हैं और कुछ में साक्षात्कार होने हैं, एेसी भर्तियां बाधित न हो इसके संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रूप से सरकार को निर्देशित किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कहा है कि वह एसबीसी के नवीन पद सृजित कर इसी वर्ष में भर्ती प्रक्रिया को पूरा करे। मूल याचिका का निस्तारण तभी संभव है जब राज्य सरकार अंतिम रूप से यह निर्णय करे कि एसबीसी आरक्षण का प्रतिशत कितना होगा।
पांच प्रतिशत करने से कुल आरक्षण 54 प्रतिशत पर पहुंचरहा है जो सुप्रीम कोर्ट के अधिकतम आरक्षण सीमा से अधिक है। साथ ही कानूनी जानकारों का यह भी कहना है कि अभी यह भर्तियां सुप्रीम कोर्ट के अध्ययधीन रहेगी।
इनकी भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में
1 . स्कूल व्याख्याता परीक्षा 2015
2. कॉलेज व्याख्याता 2014
3. कनिष्ठ लेखाकार व भू-राजस्व लेखाकार परीक्षा 2013
4. कनिष्ठ लिपिक भर्ती परीक्षा 2013
Published on:
11 May 2017 07:46 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
