अजमेर. सेन्ट्रल जेल में बुधवार शाम जिला कलक्टर अंशदीप व एसपी चूनाराम जाट के नेतृत्व में सर्च अभियान चलाया गया। करीब दो घंटे चले सर्च में अलग-अलग टीम ने जेल में बंदियों की बैरक के साथ अन्य स्थानों पर तलाशी ली। हालांकि जेल के सर्च में क्या मिला। इसका फिलहाल खुलासा नहीं किया गया है।शाम 5 बजे जिला कलक्टर व एसपी पुलिस अफसरों के साथ अचानक अजमेर सेन्ट्रल जेल पहुंचे। यहां जेल प्रवेशद्वार पर तलाशी के बाद पुलिस अधिकारियों की अलग-अगल टीम ने जेल परिसर में बंदियों के बैरक समेत अन्य इमारतों में सर्च किया। करीब दो घंटे तक जेल के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई, लेकिन पुलिस की टीमों को कुछ खास कामयाबी नहीं मिली। सर्च में शामिल अधिकांश टीम में खाली हाथ लौटी।
रूट मार्च पर जुटा जाप्ता
एसपी ने बुधवार शाम पुलिस जाप्ते को कलक्ट्रेट पर जुटने का आदेश दिया। वृत्ताधिकारी और थानाधिकारियों को होली के त्यौहार के मद्देनजर शहर में पैदल रूट मार्च के लिए बुलाया था, लेकिन कलक्ट्रेट से निकला काफिला यकायक जयपुर रोड की तरफ मोड़ दिया गया। सबको कलक्टर-एसपी वाहन के पीछे आने के निर्देश दिए गए।
यह थे शामिल
सर्च कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुनील विश्नोई, एएसपी (अजमेर ग्रामीण) वैभव शर्मा, एएसपी प्रियंका रघुवंशी, वृत्ताधिकारी ट्रेफिक रामअवतार, क्लॉक टावर एसएचओ महावीर प्रसाद शर्मा और सिविल लाइंस एसएचओ दलबीरसिंह फौजदार आदि शामिल रहे।
खराब रहा है इतिहास
सेन्ट्रल जेल में बंदियों तक आपत्तिजनक वस्तुएं और मोबाइल फोन पहुंचाने का रिकॉर्ड खराब रहा है। जेल स्टाफ व सजायाफ्ता बंदियों की साठगांठ का एसीबी 2018 में खुलासा कर चुकी है। हालांकि बीते कुछेक माह में सेन्ट्रल जेल में मोबाइल फोन, आपत्तिजनक सामग्री के मामले में अंकुश लगा है, लेकिन प्रदेश में जेलों में बढ़ती आपराधिक गतिविधि, जेल स्टाफ की मिलीभगत व गैंगवार ( खूनी संघर्ष) की घटनाओं के मद्देनजर पुलिस व प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
जिला कलेक्टर अंशदीप का कहना है सेन्ट्रल जेल में बुधवार शाम औचक निरीक्षण किया गया। सर्च कार्रवाई की रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी।