
राजस्थान के इस शहर में ‘आधी फौज’ के भरोसे है पूरे शहर का जिम्मा, पढ़ें क्या है पूरी खबर
अजमेर. शहर के योजना तथा गैर योजना क्षेत्र के विकास का जिम्मा संभालने वाला अजमेर विकास प्राधिकरण इन दिनों कर्मचारियों-अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। स्थिति यह है कि एडीए में कर्मचारियों अधिकारियों के स्वीकृत पदों की संख्या 204 है इनमें से 101 पद रिक्त चल रहे हैं। इस कारण काम-काज के लिए यहां आने वाले लोगों को सिर्फ तारीखें और आश्वासन ही मिल रहा है।
अधिकारियों के पद भी हैं खाली
एडीए में आरएएस अधिकारियों के स्वीकृत पद 7 हैं जबकि केवल 2 ही अधिकारी कार्यरत हैं। एडीए सचिव का पद भी खाली है। इस पद का जिम्मा डीसी नॉर्थ को दिया गया है। वे अपने पद के साथ ही कार्यवाहक सचिव की भी भूमिका निभा रहे हैं। एलएओ, डीसी किशनगढ़ व पुष्कर के पद रिक्त हैं। मुख्य अभियंता, तहसीलदार व नायब तहसीलदार का पद भी खाली है। मजबूरी में एडीए ने गिरदावर को ही कार्यवाहक तहसीलदार बना रखा है। भूमि आवाप्ति अधिकारी का पद रिक्त होने से आवाप्ति तथा लैंड फॉर लैंड के मामले अटके हुए हैं। आवाप्ति शाखा में पटवारियों के 2 पद रिक्त हैं।
यह पड़ रहा है असर
एडीए के कर्मचारियों अधिकारियों के पद रिक्त होने से प्राधिकरण का कामकाज प्रभावित है। सामान्य कामकाज भी नहीं हो रहा है। योजना शाखा में बाबुओं के पद रिक्त हैं। अवधि विस्तार, नक्शा, पट्टा, लीज, मौका निरीक्षण, अतिक्रमण, आरटीआई सहित अन्य कार्य प्रभावित हैं।
इस संबंध में एडीए सचिव निशांत जैन का कहना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी से काम काज पर असर पड़ रहा है, इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
Published on:
01 Apr 2019 12:56 pm
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