
युवक की मौत के बाद देखें कैसे बिताई परिवार ने रात
अजमेर. रात करीब 11 बजे घर के कमरे में करीब 80 वर्षीय मां और उसके पास बैठी बहू (मृतक की पत्नी) और बच्चे की हालत देख हर किसी की आंखों में आंसू थे। वृद्धा मां की तबियत बिगड़ नहीं जाए इसलिए पूरे परिवार ने हिम्मत रखी। आसपास व परिवार की महिलाएं भी ढांढस बंधाती मिली।
क्रिश्चयनगंज में इंदिरा कॉलोनी के पास ही पहाड़ी पर बसी बस्ती में पत्रिका टीम पहुंची तो अंधेरा छाया हुआ मिला। छोटे व संकरे रास्ते से मृतक ब्रजेश मेहरा के घर पहुंचे तो कमरे में मृतक बृजेश की करीब 80 वर्षीय मां भंवरी, पत्नी सोनू मेहरा, बेटी कृष्णा (17), बेटा अजय (14) बैठे मिले। छोटा बेटा संजय (12) लेटा हुआ था। आंखों में आंसू व फफकती बेटी ने भी हिम्मत रखी, ताकि रात में दादी की तबियत नहीं बिगड़ जाए। बेटी कृष्णा ने बताया कि वह दसवीं में पढ़ती हैं। परिवार में शादी होने के कारण सुबह से ही सभी गए हुए थे। हमें तो वहां से अभी बुलाया गया लेकिन पता नहीं क्या हुआ। मेरे पापा के साथ क्या हुआ? वे कल ही निवाई से काम करके आए तो उनकी जेब में रुपए भी थे।
पत्नी घरों में दिनभर साफ-सफाई का काम करके करती थी मदद
मृतक की बेटी कृष्णा व परिजन महिलाओं ने बताया कि ब्रजेश की पत्नी कुछ बंगलों व घरों में साफ-सफाई आदि काम करके आजीविका चलाने में मदद करती थी। सुबह से शाम तक कुछ काम करके जो कुछ मिलता वह परिवार में लगाती थी। मृतक की पत्नी सदमे से ही नहीं उभरी। आसपडौस की महिलाओं ने बताया कि वृद्धा भंवरी देवी के अब छह में से एक बेटी ही जीवित है। अपने कलेजे के टुकड़े की मौत की सूचना ने उन्हें झकझोर दिया। महिलाएं भी यह कहती मिली कि अब छोटे-छोटे बच्चों का क्या होगा? इनके भविष्य की चिंता सता रही है।
Published on:
18 Nov 2022 11:58 pm

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