परिजनों ने मंदिर के ट्रस्टियों के खिलाफ परेशान करने और आत्मदाह के लिए उकसाने की शिकायत दी है।
केरोसीन उड़ेलकर खुद को आग के हवाले करने वाले जगन्नाथ मंदिर के पुजारी की हालत ठीक नहीं है। वह जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में अर्द्ध बेहोशी की हालत में भर्ती है। गंज थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। उधर प्रशासन भी मामले पर निगाह बनाए हुए है। परिजनों ने मंदिर के ट्रस्टियों के खिलाफ परेशान करने और आत्मदाह के लिए उकसाने की शिकायत दी है।
ऋषि घाटी स्थित जगन्नाथ मंदिर के पुजारी गोविंद नारायण शर्मा ने शरीर पर केरोसीन डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। उनकी चीख सुनकर परिजन तत्काल कमरे में पहुंचे। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनका शरीर 60 प्रतिशत से ज्यादा झुलस गया।
धमकी दे रहे ट्रस्टी
भरत शर्मा ने बताया कि मंदिर के ट्रस्टी उसके दादा गोविंद नारायण को लगातार परिवार को जाने से मारने और अन्य धमकियां दे रहे थे। मंगलवार को नरेंद्र, प्रमोद डीडवानिया, सुशील, संजय और रितेश कंदोई ने बैठक कर उन्हें फिर धमकाया। इससे आहत होकर उसके दादा ने यह कदम उठाया है।
भरत ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों वह कमरे में बैठा था। पत्नी बिंदिया ने उसे योगेश की पत्नी द्वारा अभद्रता की जानकारी दी। वह बाहर आया तो आरोपी पति-पत्नी ने मारपीट और बच्चे सहित जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा ट्रस्टियों द्वारा परेशान करने की शिकायत भी दी। उधर ट्रस्टियों ने भी पुजारी के परिवार के खिलाफ झगड़े की शिकायत दी है।
आत्मदाह से पहले लिखा सुसाइड नोट
पंडित गोविंद नारायण ने आत्मदाह करने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा। इसमें उन्होंने मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों पर परिवार और उसे प्रताड़ित करने के साथ ही जिला प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सुसाइड जब्त कर जांच शुरू की है।
जगन्नाथ मंदिर पुजारी द्वारा आत्मदाह करने को लेकर उनके पौत्र ने चार लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
धर्मवीरसिंह, गंज थाना प्रभारी