
collector order not follow
अजमेर.
रोडवेज के केन्द्रीय बस स्टैंड के आसपास का दो किलोमीटर का एरिया जिला कलक्टर द्वारा नो-पार्किंग जोन घोषित किए हुए कई दिन बीत चुके हैं। फिर भी निजी बस माफिया कलक्टर के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं।
ट्रेफिक पुलिस की मौजदूगी में बेखौफ प्राइवेट बसों का संचालन पूर्व की भांति जारी है। कलक्ट्रेट के सामने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीछे से निजी बसों का संचालन पूर्व की भांति जारी है।
पिछले दिनों रोडवेज की महिला परिचालक से निजी बस के चालक परिचालक द्वारा मारपीट की घटना के बाद अतिरिक्त जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर बस स्टैंड के आसपास का 2 किमी का एरिया नो पार्र्किंग जोन घोषित करने के आदेश जारी हुए थे।
बैठक में पुलिस,आरटीओ, रोडवेज तथा निजी बसों के संचालकों ने पुरानी आरपीएससी से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड तक का क्षेत्र नो पार्किग जोन किए जाने पर सहमति जताई थी।
माशिबो व सावित्री तिराहे तक ही आ सकती है निजी बसें
निजी बसें पुरानी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय तथा सावित्री चौराहा के पास ही सवारियां चढ़ा तथा उतार सकेंगी लेकिन ये बसें यहां खड़ी नहीं होंगी। इसके बावजूद आजाद पार्क, कलक्ट्रेट, पुरानी आरपीएससी तथा सावित्री तिराहे पर बसों का जमावड़ा पूर्व की भांति लग रहा है तथा निजी बसों का संचालन हो रहा है।
हाइकोर्ट के आदेशों की भी अहवेलना
हाइकोर्ट ने भी रोडवेज बस स्टैंड के आसपास से निजी बसों के संचालन पर रोक लगा रखी है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इन आदेशों पर अमल नहीं कर रहे हैं। परिवहन विभाग के 23 सितम्बर 1999 के आदेश के बाद सभी जिला कलक्टरों आदेश जारी कर रोडवेज बस स्टैंड की 2 से 5 किलोमीटर की परिधी में निजी बस सहित सभी तरह के सवारियों वाहनों के संचालन को प्रतिबंधित कर दिया था।
यहां है निजी बसों का अवैध अड्डा
रोडवेज बस स्टैंड के सामने, कलक्ट्रेट के मुख्य गेट, पुरानी आरपीएससी, अजमेर क्लब, आजाद पार्क, शास्त्री नगर, जिला अदालत भवन तथा जीसीए के पास से निजी बसों बेखौफ संचालन होता है। आए दिन मारपीट की घटनाएं निजी बस चालकों द्वारा आए दिन रोडवेज के चालकों-परिचालकों से अभद्रता व मारपीट की जाती है।
सडक़ों पर उतरे रोडवेज कर्मचारी
निजी बसों का संचालन रोडवेज बस स्टैंड के आसपास रोकने के लिए रोडवेज ने अपनी 30 कर्मचारियों को सडक़ों पर उतार दिया है रोडवेज बस स्टैंड के सामने खड़ी बसे को हटवाने के लिए रोडवेज के कर्मचारी तथा अधिकारी मौके पहुंचे इस दौरान ट्रेफिक पुलिस तथा अधिकारी भी पहुंच गए। लेकिन पुलिस निजी बस को हटाने के बजाय उनका ही पक्ष लेती रही।
Updated on:
28 Oct 2018 03:49 am
Published on:
09 Nov 2018 06:34 am
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