
हर साल उर्स में चादर भेजती थीं शीला दीक्षित
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित (Sheela Dixit in ajmer) का अजमेर से करीबी संबंध था। वे हर साल ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के उर्स (dargah) में चादर भेजती थीं। उनके मुख्यमंत्री रहते दिल्ली में जायरीन के सुविधार्थ कैंप लगाए जाते थे।
दीक्षित वर्ष 1998 से 2013 तक लगातार दिल्ली की मुख्यमंत्री रही। उनका अजमेर (ajmer) से जिंदगी भर का रिश्ता बना रहा। मुख्यमंत्री रहते अथवा विपक्ष में रहते हुए भी वे गरीब नवाज के सालाना उर्स में हमेशा चादर और संदेश भेजती थीं। दीक्षित कुछ माह के लिए केरल की राज्यपाल भी रहीं। उन्होंने केरल से भी उर्स में चादर भेजी थी। हाल के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस की कामयाबी के लिए 14 मार्च को दिल्ली से चादर भेजी थी।
बांटे थे पुरस्कार
साल 2010 में मेयो कॉलेज गल्र्स स्कूल के वार्षिकोत्सव में दिल्ली तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने छात्राओं को शैक्षिक और सह शैक्षिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पुरस्कार वितरित किए थे। दीक्षित ने छात्राओं को प्रत्येक क्षेत्र में सर्वोच्च मुकाम हासिल करने, आत्मनिर्भर बनने और सामाजिक बदलाव में अहम भूमिका निभाने की बात कही थी।
कार्यकर्ताओं में शोक
दिल्ली की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित के निधन से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में शोक है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष (ajmer congress) विजय जैन ने शीला दीक्षित के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे कांग्रेस के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। पीसीसी (pcc) सचिव महेन्द्र सिंह रलावता ने कहा कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष के रूप में शीला दीक्षित आखिरी दौर तक राजनीति में सक्रिय थी। उनके निधन से कांग्रेस (congress) को अपूर्णिय क्षति हुई है। देहात कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि दिल्ली पीसीसी (pcc) अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को दिल्ली के विकास के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। महिला कांग्रेस mahila congress) अध्यक्ष सबा खान ने कहा दिवंगत शीला दीक्षित ने महिला उत्थान के लिए अथक प्रयास किए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्रसंघ की महिला स्तर समिति में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया। महासचिव शिव कुमार बंसल, अशोक बिंदल, राजेंद्र गोयल, डॉ संजय पुरोहित, डॉ जी एस बुंदेला, आईटी के जिलाध्य्क्ष कपिल सारस्वत, अनिल कोठारी, सुदर्शन जैन, सौरभ यादव, मानवाधिकार परिषद के शैलेश गुप्ता, राजेन्द्र वर्मा, राजनारायण आसोपा, राजेन्द्र नरचल, जय गोयल, जय शंकर चौधरी, अहमद हुसैन, हेमन्त जोधा रणजीत मलिक, शक्ति सिंह रलावता, दीनदयाल शर्मा सहित अन्य ने शीला दीक्षित के निधन पर शोक व्यक्त इसे कांग्रेस के लिए अपूरर्णीय क्षति बताया है।
Published on:
21 Jul 2019, 2:04 PM IST
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