19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कच्ची बस्ती के बच्चों एवं महिलाओं की ली सुध, स्वास्थ्य जांच कर दी दवाइयां

चिकित्सा शिविर (Medical camp)के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा का प्रयास, साफ, राजस्थान पत्रिका एवं चिकित्सा विभाग की पहल

2 min read
Google source verification
slum area in medical camp

कच्ची बस्ती के बच्चों एवं महिलाओं की ली सुध, स्वास्थ्य जांच कर दी दवाइयां

अजमेर. कच्ची बस्तियों में रहने वाले परिवारों के बच्चों एवं महिलाओं में होने वाली बीमारियों, गंदगी के चलते संक्रमण एवं स्वच्छता का संदेश देने के लिए राजस्थान पत्रिका एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम कच्ची बस्ती पहुंची। यहां चिकित्सक (Doctor) व स्टाफ ने बच्चों, महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच कर नि:शुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाई गई।

राजस्थान पत्रिका के कच्ची डगर का सफर, स्वास्थ्य (Helth) का सफर अभियान का असर यह रहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम कच्ची बस्ती में पहुंची। महाराणा प्रताप नगर के निकट शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (Phc) के चिकित्सा प्रभारी डॉ. रविन्द्र विजयवर्गीय एवं नर्सिंग स्टाफ की ओर से कच्ची बस्ती में रहने वाले मजदूरों के परिवारों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। डॉ. विजयवर्गीय ने महिलाओं व बच्चों की जांच की जिनमें वायरल, बुखार, पेट दर्द, सहित अन्य बीमारी बताने पर नि:शुल्क दवा दी गई। बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाने को कहा।

सफाई-सफाई रखें एवं गंदा पानी का भराव नहीं रखें

डॉ. विजयवर्गीय ने कच्ची बस्ती की महिलाओं, युवतियों एवं युवकों से कहा कि स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि बस्ती के बीच में गंदगी नहीं रखें, साफ सफाई करें। बारिश के दिनों में कहीं पर भी पानी भरने नहीं दें। ताकि मच्छर नहीं पनपे और कई व्यक्ति बीमार नहीं हों।

परिवार कल्याण कार्यक्रम अपनाएं

चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ ने दो व इससे अधिक बच्चों की माताओं को परिवार कल्याण कार्यक्रम अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि या तो नसबंदी करवाएं या फिर अंतरा इंजेक्शन लगवाएं।

युवकों ने बनाई टोली (Team), शिक्षा-चिकित्सा के लिए करेंगे काम

कच्ची बस्ती मेें रहने वाले लोगों, महिलाओं व बच्चों को जरूरत पडऩे पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने एवं कच्ची बस्ती के बच्चों को शिक्षा से जोडऩे के लिए पांच-छह युवकों ने टोली बनाई है। बच्चों को शिक्षा में सहयोग देने एवं बुजुर्ग लोगों को डिस्पेंसरी तक लाने- ले जाने में यह सहयोग करेंगे। राजस्थान पत्रिका की पहल पर इन युवकों ने टोली बनाकर यह निर्णय लिया।