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स्मार्ट सिटी: गिरने लगी मनमर्जी करने वाले अभियंताओं पर गाज

स्मार्ट सिटी: मुख्य अभियंता व अतिरिक्त मुख्य अभिंयता को नोटिस कार्यालय के बजाय प्रोजेक्टों पर ही देनी होगी ड्यूटी मुख्यालय नहीं छोडऩे के लिए किया पाबंद

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अजमेर. स्मार्ट सिटी smart city के करोड़ों रुपए के प्रोजेक्टों पर मनमर्जी करवाने वाले अभियंमाओं पर कार्रवाई शुरु हो गई। प्रोजेक्टों में सामने आ रही गड़डिय़ों को गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर एवं स्मार्ट सिटी के सीईओ प्रकाश राजपुरोहित ने स्मार्ट सिटी के मुख्य अभियंता Chief Engineer अनिल विजयवर्गीय, Additional Chief Engineer कार्यवाहक अतिरिक्त मुख्य अभियंता अविनाश शर्मा को नोटिस Notice जारी कर जवाब तलब किया है। इसके अलावा अभियंताओं को स्मार्ट सिटी कार्यालय के बजाया प्रोजेक्टों projectsके निर्माण स्थलों पर ही ड्यूटी Duty देने के लिए पाबंद किया है। उन्हें अपनी कुर्सी टेबल सहित जेएलएन अस्पताल और पटेल स्टेडियम के प्रोजेक्ट की वहीं रहकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता व प्रगति का काम देखना होगा। मुख्य अभियंता अनिल विजयवर्गीय को अजमेर मुख्यालय छोड़कर कोटा नहीं जाने के पाबंद किया गया है।

सूचना केन्द्र ओपन थिएटर की भी मांगी रिपोर्ट

स्मार्ट सिटी के तहत करीब 1.30 करोड़ की लागत से बनाए गए ओपन एयर थिएटर के घटिया निर्माण पर भी जवाब तलब किया है। इस प्रोजेक्ट का निर्माण सहायक अभियंता रविकांत शर्मा ने करवाया है। मामले में खास यह है कि यहां क्वालिटी कंट्रोल की लैब ही नहीं लगाई गई। खानापूर्ति के लिए महिला शौचालय में ही एक छोटी सी मशीन रखकर इसे लैब बता दिया गया। ओपन एयर थिएटर को बने हुए अभी 30 दिन भी नहीं हुए उसके पहले ही इसके छतें व दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई है। प्लास्टर और रंगरोगन दो दिन की बरसात में ही उखड़ गया। ओपन एयर थिएटर में सीलन है। इसके खिड़की दरवाजे भी जुगाड़ के जरिए खड़े किए गए हैं, बिजली के उपकरण भी उखड़ रहे हैं।

टीम लीडर को हटाने के निर्देश, मांगी रिपोर्ट

स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों की डीपीआर बनाने वाली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (पीएमसी) के टीम लीडर को हटाने के भी निर्देश दिए है। स्मार्ट सिटी के मुख्य अभियंता से टीम लीडर की रिपोर्ट मांगी गई है। स्मार्ट सिटी सीईओ ने पीएमसी के 15-15 प्रतिशत स्टाफ को अगले 6 महीने के भीतर हटाने के निर्देश दिए है।

नियुक्ति में घालमेल,चहेतों पर मेहरबानी

स्मार्ट सिटी में अभियंताओं की नियुक्ति भी नियम कायदे ताक पर रखकर की गई है। स्मार्ट सिटी में अतिरिक्त मुख्य अभियंता का पद वित्त और कार्मिक विभाग द्वारा स्वीकृत ही नहीं है इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी से प्रतिनियुक्ति पर आए अधीक्षण अभियंता अविनाश शर्मा यहां बिना पद के ही अतिरिक्त मुख्य अभियंता का पद पर कार्य कर रहे हैं। हैरत की बात है कि स्मार्ट सिटी में रिक्त पदों पर भर्ती विज्ञापन निकाला तो अधीक्षण अभियंता के पद को छोड़ दिया गया। स्मार्ट सिटी में जहां बिना स्वीकृत पदों पर वेतन लुटाया जा रहा है वहीं अजमेर विकास प्राधिकरण में तीन मुख्य अभियंता ठाले बैंठे हैं।

(इस मामले में स्मार्ट सिटी के मुख्य अभियंता अनिल विजयवर्गीय से उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होनें कहा वे कल बात करेंगे, वही अतिरिक्त मुख्य अभियंता अविनाश शर्मा ने फोन ही नहीं उठाया।)

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