
attack on abode
पुष्कर
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की ब्रह्मा मंदिर पूजा को लेकर सोशल मीडिया पर मनगढं़त गलत संदेश वायरल से आहत होकर ही डॉ. अशोक मेघवाल ने कातिलाना हमला करने की योजना बनाई थी। हमलावर पुजारी पर हमला करके हाथ काटने के मकसद से आया था। वह मंदिर के गर्भ गृह के मुख्य द्वार पर प्रसाद बांटने वाले सेवाधारी महादेव पुरी को पुजारी समझ बैठा।
यही कारण रहा कि आरोपित ने सेवाधारी के सीधे कंधे व हाथ पर ही धारदार हथियार से हमला किया। आरोपित से प्रारंभिक पड़ताल में यह जानकारी मिली है। मंगलवार आरोपित न्यायालय ने एक दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपने के आदेश दिए। खास बात तो यह है कि आरोपित को अपने किए का कोई मलाल तक नहीं है।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने 14 मई को पुष्कर यात्रा के दौरान पत्नी के घुटनों में दर्द होने के कारण स्वेच्छा से ब्रह्मा मंदिर की सीढिय़ों पर बैठकर की पूजा की थी। हालांकि पुजारी लक्ष्मी निवास वशिष्ठ ने राष्ट्रपति को मंदिर के गर्भ गृह जाकर पूजा का आग्रह किया तथा लेकिन वे नहीं गए। कतिपय असामाजिक तत्वों ने जातिगत द्वेषता उत्पन्न करने के मकसद से सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर तथ्यहीन संदेश फोटो के साथ वायरल कर दिया।
संदेश में जातिगत कारणों को आधार बनाते हुए राष्ट्रपति को मंदिर में प्रवेश नहीं करने देने का आरोप लगाया था। इसी संदेश से आहत होकर सोजत के पास आलावास गांव निवासी डॉ.अशोक मेघवाल सोमवार को थैले में हथियार छुपाकर मंदिर में प्रवेश कर गया। पुलिस पूछताछ में हमलावर ने बताया कि पुजारी के हाथों ने ही राष्ट्रपति को पूजा करने से रोका था। वह पुजारी के हाथ काटने के लिए ही आया था लेकिन सेवाधारी को प्रसाद बांटते देख पुजारी समझकर हमला कर दिया।
पुजारी की मांग पर प्रशासन गंभीर नहीं!
मंदिर के पुजारी लक्ष्मी निवास वशिष्ठ ने जिला कलक्टर को पत्र भेजकर इस वायरल संदेश से अवगत कराया तथा गलत संदेश भेजने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी। लेकिन मामला राष्ट्रपति से जुड़ा होने के कारण प्रशासनिक स्तर पर पुजारी के मांग पत्र को हल्के में ले लिया गया। पत्र की जांच शुरू हो इससे पहले की गंभीर घटना घटित हो गई। वहीं जिला कलक्टर आरती डोगरा ने पुजारी के पत्र के साथ मंदिर में हुई घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
Published on:
31 May 2018 08:15 am

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