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स्कूली छात्रा से मनरेगा श्रमिक तक बनाई पहुंच, अब जागरुकता-आत्मरक्षा पर जोर

आवाज दो अभियान को एक साल हुआ पूरा, आईजी बोले- नए साल में रखेंगे नए आयाम

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अजमेर

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Manish Singh

Aug 18, 2022

स्कूली छात्रा से मनरेगा श्रमिक तक बनाई पहुंच, अब जागरुकता-आत्मरक्षा पर जोर

स्कूली छात्रा से मनरेगा श्रमिक तक बनाई पहुंच, अब जागरुकता-आत्मरक्षा पर जोर

अजमेर. समाज में महिला अपराधों पर अंकुश लगाने और महिला सुरक्षा की दिशा में एक साल पहले अजमेर रेंज से लॉन्च आवाज दो अभियान में ‘स्पीकअप एप’ स्कूली छात्राओं के साथ ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा श्रमिक तक पहुंच बनाने में सफल रहा। अभियान के दूसरे वर्ष में अजमेर रेंज पुलिस एप के माध्यम से महिलाओं में जागरुकता, आत्मरक्षा के नए आयाम स्थापित करेगा।

पुलिस महानिरीक्षक (अजमेर रेंज) रूपिन्दर सिंघ ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत कें कहा कि 17 अगस्त 2021 को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्राइम) व तत्कालीन आईजी (अजमेर रेंज) एस. सेंगाथिर ने आवाज-दो अभियान की शुरूआत की। अभियान में अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा और टोंक जिला पुलिस ने स्कूली छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए प्रशिक्षण दिया। अभियान की शुरूआत में प्रत्येक जिले में जिला पुलिस ने 40-40 मास्टर ट्रेनर तैयार किए। एप को स्कूली छात्राओं के साथ ही महिला मनरेगा श्रमिकों ने भी अपने मोबाइल में अपलोड किया। मौजूदा स्थिति में अजमेर रेंज में 9 हजार 581 छात्राएं और महिलाएं एप का इस्तेमाल कर रही हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) राजेश चौधरी ने बताया कि अभियान में एक साल में एप के जरिए ढाई हजार शिकायतें प्राप्त हुई। इनका त्वरित निस्तारण किया गया।

2 को फांसी, 9 को आजीवन कारावास

आईजी सिंघ ने बताया कि अभियान में रेंज स्तर पर पोक्सो एक्ट में दर्ज प्रकरणों में त्वरित अनुसंधान करके आरोपी की गिरफ्तारी, केस ऑफिसर स्कीम में मजबूती के साथ अभियोजन के जरिए पक्ष रखते हुए गवाह पेश किए। नतीजतन पोक्सो एक्ट के 100 प्रकरण में चालान पेश किए। अजमेर, नागौर के 2 आरोपियों को फांसी, रेंज में 9 को आजीवन कारावास, 12 को 20 साल की सजा, 4 को दस साल का कठोर कारावास, एक को 7 साल की सजा सुनाई गई। शेष प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं।