राज्य सरकार का छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाना गलत है। युवाओं के हित में रोक नहीं हटाई तो प्रदेशव्यापी आंदेालन किया जाएगा।
छात्रसंघ चुनाव पर लगी रोक के बाद छात्र संगठनों में जबरदस्ती नाराजगी दिख रही है। सोमवार को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय पर संयुक्त रूप से एनएसयूआई और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने नारेबाजी और प्रदर्शन किया। पुलिस और छात्रों में धक्का-मुक्की हुई। छात्रों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्यपाल कलराज मिश्र के नाम कुलपति को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व छात्रसंघ भगवानसिंह चौहान, महिपाल गोदारा, अब्दुल फरहान खान के नेतृत्व में छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना और प्रदर्शन किया। छात्रों में छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाने से नाराजगी दिखी। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान सिविल लाइंस थाना पुलिस और छात्रों के बीच काफी धक्का-मुक्की हुई।
लोकतंत्र में छात्रसंघ चुनाव जरूरी
छात्रनेता अब्दुल फरहान और महिपाल ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रसंघ चुनाव जरूरी हैं। यह युवाओं में नेतृत्व क्षमता बढ़ाने और छात्रहित से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में मददगार हैं। राज्य सरकार का छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाना गलत है। युवाओं के हित में रोक नहीं हटाई तो प्रदेशव्यापी आंदेालन किया जाएगा।
छात्रनेताओं के टूटे ख्वाब,नेताओं में निराशा
अजमेर. इस साल छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने के ऐलान के बाद छात्र नेताओं में निराशा है। बीते डेढ़ महीने से आंदोलन, धरने-प्रदर्शन कर ताकत दिखा रहे छात्र संगठनों को अब चुनाव के लिए एक साल और इंतजार करना होगा। सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय, राजकीय कन्या महाविद्यालय, दयानंद कॉलेज, संस्कृत कॉलेज, श्रमजीवी कॉलेज और महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में सत्र 2023-24 में छात्रसंघ चुनाव होने थे। राज्य सरकार ने शनिवार रात चुनाव नहीं कराने के आदेश जारी किए हैं।
छात्रनेताओं के टूटे ख्वाब
कई छात्रनेता पोस्टर-होर्डिंग, कॉलेज में हेल्प डेस्क लगाकर चुनावी तैयारी में जुटे थे। नवप्रवेशी और पुराने विद्यार्थियों से संपर्क चल रहा था। लेकिन सरकारी ऐलान के बाद शैक्षिक परिसरों में मायूसी का आलम है।