
Shuddh KaYuddha :बोले स्टूडेंट्स महिला सशक्तीकरण का नाम तो बहुत है लेकिन काम कम, जानें क्यों कहा उन्होंने ऐसा
अजमेर. राजनीति में महिला सशक्तीकरण के लिए बड़े-बड़े दावे तो बहुत किए जाते है। लेकिन जमीनी स्तर पर यह दावे उतने नजर नहीं आते है। जितने जोर-शोर से इनका प्रचार किया जाता है। यह बात युवाओं ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के जनएजेंडे पर चर्चा के दौरान सामने आई। इस अवसर पर युवाओं ने निष्पक्ष रूप से मतदान करने की शपथ भी ली। उन्हें शुद्ध का युद्ध अभियान के तहत फेक न्यूज के बारे में भी बताया गया।
साक्षी चौधरी ने कहा कि हर बार हम सुनते है महिलाओं के लिए यह किया जाएगा वह किया जाएगा। लेकिन उन्हें पर्याप्त मात्रा में टिकट भी नहीं दिए जाते है। पार्टियां उन्हें टिकट तो दे ही, उनसे यह भी वादा भी ले कि राज वे ही करेंगी। पर्दे के पीछे से कोई और नहीं। साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए भी जमीनी कार्य होने चाहिए।
आस्था जैन ने कहा कि चेन लूट और पर्स छीनने जैसी वारदातें सबसे ज्यादा महिलाओं के साथ होती है। इसके लिए पुलिस तंत्र तो मजबूत होना ही चाहिए। महिलाओं को आत्मसुरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए।
रूचिका ने शहर की पेयजल समस्या की तरफ ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि बीसलपुर योजना अजमेर के लिए बनी इसके बाद भी आज अजमेर में पानी की किल्लत है। जबकि दूसरे जिलों को पानी की सप्लाई हो रही है। अनिल चाहर ने शिक्षण संस्थाओं का विकास करने की बात कही।
स्टूडेन्ट डीन प्रो. अरविंद पारीक ने विद्यार्थियों को मतदान का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की ही ताकत है कि भिन्न-भिन्न विचारधाराओं वाले लोग एक लोकतंत्र के हवन में मतदान के रूप में आहुतियां देते हैं, अपनी-अपनी भागीदारी निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बिना किसी लोभ के व क्षेत्रवाद, भाषावाद, पंथवाद से ऊपर उठ कर मतदान करने का आह्वान किया, ताकि एक योग्य प्रत्याशी सदन में पहुंचे।
डॉ. आशीष पारीक ने देश में लोकतंत्र के बारे में सारगर्भित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। अपने मतदान के अधिकार का महत्व हम समझें और किसी भी धारा में बहकर भीड़तंत्र का हिस्सा नहीं बनें। उन्होंने स्वविवेक से मतदान करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। डॉ. आरती ने भी मतदान का महत्व बताया। इस अवसर पर प्रो. प्रवीण माथुर, डॉ. ऋतु माथुर, डॉ. भारती जैन, डॉ. सुभाष चंद्र सहित अन्य उपस्थित थे।
फेक न्यूज प्रति किया जागरूक
राजस्थान पत्रिका के शुद्ध का युद्ध अभियान के तहत फेक न्यूज के बारे में बताया गया। विस्तार से सही जानकारी, राय और फेक न्यूज के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. अरविंद पारीक ने कहा कि सोशल मीडिया एक डिजिटल जिंदगी बनता जा रहा है। इस पर जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार करें। किसी भी जानकारी को बिना सोचे समझे फॉरवर्ड नहीं करें, ताकि किसी के मान सम्मान को चोट नहीं पहुंचे।
Published on:
14 Nov 2018 02:31 pm
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
