कहीं गिनती के लायक शिक्षक हैं तो कहीं गेस्ट फेकल्टी ही पढ़ा रही है। खुद यूनिवर्सिटी, यूजीसी और राज्य सरकार को पदों को भरने के लिए वक्त नहीं है।
कैसे बढ़ें यूनिवर्सिटी में टीचर्स इसको लेकर स्टूडेंट्स, परिजन, शिक्षाविद को सुझाव देना चाहिए। इसका रोडमैप सरकार तक पहुंचाने की जरूरत है। राज्य सहित देश की यूनिवर्सिटी में हालात ठीक नहीं हैं। कहीं गिनती के लायक शिक्षक हैं तो कहीं गेस्ट फेकल्टी ही पढ़ा रही है। खुद यूनिवर्सिटी, यूजीसी और राज्य सरकार को पदों को भरने के लिए वक्त नहीं है।
प्रोजेक्ट लेने में पिछड़ रहे यूनिवर्सिटी
शिक्षकों की कमी से राज्य के विश्वविद्यालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, यूजीसी, रूसा से राष्ट्रीय प्रोजेक्ट लेने में काफी पीछे हैं। इनकी भागीदारी 10 प्रतिशत भी नहीं हैं। केंद्रीय विश्वविद्यालय और दक्षिण भारत के विश्वविद्यालय 30 से 40 प्रतिशत प्रोजेक्ट हासिल कर रहे हैं।
पढ़ें यह खबर भी: अजमेर रेंज के 31 पुलिस निरीक्षकों के तबादले
अजमेर. विधानसभा चुनाव के मद्देनजर
पुलिस महानिरीक्षक (अजमेर रेंज) लता मनोज कुमार ने अजमेर रेंज के 31 पुलिस निरीक्षकों के तबादले किए। आईजी ने निरीक्षकों को तुरन्त प्रभाव से तबादला किए गए जिले में उपस्थिति दर्ज करवाने के आदेश दिए हैं। तबादला सूची के अनुसार सर्वाधिक 14 निरीक्षक अजमेर से हटाए हैं जबकि 9 निरीक्षक लगाए हैं। भीलवाड़ा से 10 हटाकर 9 की तैनाती दी है। इसी तरह नागौर से 4 को हटाकर 8 निरीक्षकों को लगाया है। टोंक से 3 निरीक्षक को हटाकर पांच निरीक्षक लगाए हैं।
अब कौन किस जिले में
अजमेर- निरीक्षक शिल्पा भादविया, जगदीश प्रसाद, मनोजकुमार, रूपाराम, हरिराम जाखड़, रामवीरसिंह (नॉन फील्ड), घनश्याम मीणा, प्रहलाद सहाय व भूराराम खिलेरी।
नागौर- निरीक्षक रमेन्द्रसिंह हाड़ा, सुरेन्द्र सिंह जोधा, मंजू मुलेवा, मुकेश कुमार, गजराज, नन्दलाल, पुष्पा कसोटिया व गजेन्द्र सिंह नरूका(नॉन फील्ड)।
भीलवाड़ा-निरीक्षक विद्यादेवी मीणा, धर्मवीरसिंह, महावीर मीणा, जय सुल्तान कविया, सुगन सिंह, महावीर प्रसाद शर्मा, दिनेश कुमार, अमीचन्द व कल्पना राठौड़।
टोंक-निरीक्षक डॉ. रविश सामरिया, दलबीर सिंह, मोहम्मद इमरान, राजकुमार नायक और धर्मेश दायमा शामिल हैं।