
अजमेर : राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि संयुक्त निदेशक कार्यालय के सहायक प्रशासनिक अधिकारी सुनील जैन को 7 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। एसीबी की कारवाई में यह पूरा मामला सामने आया है। आरोपी सुनील, परिवादी को 2 साल से उसके मृत पिता की जीपीएफ निकलवाने के लिए चक्कर लगवा रहा था। पिता राजकीय सेवा में कार्यरत थे, मृत्यु के बाद से उनकी जीपीएफ की रकम नहीं मिल रही थी, जिसको निकलवाने की एवज में सुनील जैन ने 7 हजार रिश्वत की डिमांड रखी थी।
एसीबी ने उसके आवास व अन्य ठिकानों की भी तलाशी ली। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अजमेर चौकी) अतुल साहू ने बताया कि पीड़ित ने शिकायत दी थी कि उसके पिता राजकीय सेवा में थे। दो साल पहले उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद से जीपीएफ की रकम बकाया है। राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि के संयुक्त निदेशक कार्यालय के अधिकारी उसे 2 साल से चक्कर लगवा रहे थे, लेकिन फिर भी रकम का भुगतान नहीं हुआ। सहायक प्रशासनिक अधिकारी (एएओ) पंचशील निवासी सुनील जैन ने पीड़ित से जीपीएफ राशि भुगतान कराने की एवज में 8 हजार की रिश्वत मांगी। इसके बाद परिवादी से मिली शिकायत का सत्यापन किया गया जिसमें दोनों के बीच सात हजार रुपए की राशि तय हुई।
एएसपी साहू ने बताया कि परिवादी का एएओ जैन से जीपीएफ की रकम का भुगतान करवाने की एवज में 7 हजार में सौदा हुआ। एसीबी ने मांग का सत्यापन कराने के पश्चात बुधवार शाम रिश्वत की रकम के साथ उसे राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के संयुक्त निदेशक कार्यालय भेजा। परिवादी का इशारा मिलने पर एसीबी ने सहायक प्रशासनिक अधिकारी (एएओ) सुनील को रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथ पकड़ा। कार्रवाई में निरीक्षक नरेश चौहान व टीम शामिल रही।
साहू ने बताया कि परिवादी के पिता के जीपीएफ भुगतान में राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग की ओर से तकनीकी अड़चन बताई जा रही थी। एसीबी पीड़ित के भुगतान में आ रही तकनीकी परेशानी को दूर करने में विधिक तरीके से मदद करेगी। एसीबी अजमेर स्पेशल चौकी की निरीक्षक कंचन भाटी के नेतृत्व में एएओ सुनील के पंचशील बी ब्लॉक स्थित आवास की तलाशी ली गई। समाचार लिखे जाने पर रात 7.45 बजे तक एसीबी की कार्रवाई जारी रही।
Published on:
15 Feb 2024 11:29 am
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