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अजमेर. स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लाभार्थियों के भुगतान का गबन का मामला राज्य के 8 जिलों तक फैल गया है। अजमेर के अलावा सवाईमाधोपुर, अलवर, भरतपुर तथा जोधपुर व अन्य जिलो में भी व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लाभार्थियों की राशि हड़पने का मामला सामने आने के बाद सभी जिलो में इस मामले की प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। फर्जी आईडी से शौचालय निर्माण के गबन का मामला सामने आने के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने मुख्यालय स्तर पर जाचं शुरु कर दी है। मामले की रिपोर्ट गृह विभाग को भी भेजी गई है। एसबीएम के निदेशक का कहना है कि जिलों में पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है।
तीन जिलों में 109 लाभाथिर्यों की 13.8 लाख की राशि हड़पी
अजमेर जिले की पंचायत समिति अजमेर ग्रामीण के बीडीओ की आईडी से छेड़छाड कर 39 गरीब परिवारों के शौचालय निर्माण में 4.68 लाख रुपए के गबन के मामले में भी प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। शातिर ने अजमेर के 39 गरीब परिवारों के स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) की राशि जोधपुर, फलौदी, भोपालगढ़ तथा बीकानेर के फर्जी लाभािर्थीर्यों के खातों में डलवाई है। सवाईमाधोपुर की मलारना डूंगर पंचायत समिति तथा अलवर जिले की बानसूर पंचायत समिति में राजकीय ऑनलाइन सिस्टम में छेड़छाड़ कर अब तक कुल 109 लाभाथिर्यों की 13 लाख 8 हजार की राशि हड़पी जा चुकी है। सवाईमाधोपुर में शातिर गिरोह ने अधिकारी की आईडी हैक कर ऑन लाइन सिस्टम को छेड़छाड़ कर राजकीय खाते से 4 लाभार्थियों के 48000 हजार रूपए हड़प लिए। इसका मुकदमा थाने में दर्ज करवाया गया है। इसके अलावा अलवर जिले की बानसूर पंचायत समिति में भी 66 लाभार्थियों का फर्जी भुगतान उठाने का मामला सामने आया है।
अधिकारी बरतें सावधानी
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के निदेशक विश्व मोहन शर्मा ने सभी जिला परिषदों को अलर्ट जारी कर भुगतान में सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं। सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को उनकी एसएसओ आईडी लॉगिन से पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों की लिंक एसएसओ आईडी की सावधानी से जांच करें।
अजमेर में जांच के लिए कमेटी गठित, 10 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
जिले के पंचायत समिति अजमेर ग्रामीण में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के 39 लाभार्थियों का भुगतान के गबन का मामले की जांच शुरु हो गई। इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में लेखाधिकारी तथा जिला परियोजना समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण तथा एमआईएस सहायक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण व अन्य को शामिल किया गया है। कमेटी को अपनी रिपोर्ट 10 दिन में प्रस्तुत करनी होगी।
भुगतान भी जांचने के निर्देश
मुख्यालय के निर्देश के बाद जिला परिषद ने सभी बीडीओ को निर्देश दिए है कि वे स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत जिले की प्रत्येक पंचायत समिति में 25 जनवरी 2022 के बाद किए गए प्रत्येक भुगतान की जांच करें।
Published on:
27 Feb 2022 08:23 am

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