
पढ़कर चाौंक गए ना आप भी । जी हां आपने सही पढ़ा है गुजरात से आए दल के साथ एक मशीन भी है जो आटा गूंधने से लेकर रोटी बेलने और सेकने तक का काम करती हैं। मशीन के पास कुछ लोग होते हैं जो व्यवस्था को अंजाम देते हैं। दल के सदस्य अल्ताफ भाई सुमरा के अनुसार एक घंटे में करीब 20 हजार राोटियां बनकर तैयार हाो जाती हैं । सुबह 11 मण एवं शाम को 62 मण आटे की रोटियां पकाई जाती है। इसके लिए वे गेहूं, चावल, मसाले, तेल, घी आदि गुजरात से ही लेकर आते हैं और सब्जियां अजमेर मंडी या आसपास से खरीदते हैं। मंदिर ट्रस्ट ने उपलब्ध कराई मशीनजूनागढ़ के श्रीआई कोडिय़ा ट्रस्ट, रासमंडल को जब जानकारी मिली कि अजमेर उर्स में जायरीन के लिए भोजन तैयार करवाया जाता है तो इस ट्रस्ट ने इस दल को मशीन उपलब्ध कराई। इस दल में हिन्दू-मुस्लिम परिवार की महिलाएं व पुरुष एक साथ भोजन तैयार करने में जुटते हैं। तन, मन एवं धन से उनकी खिदमत की भावना को हर कोई सराह रहा है। दोनों वक्त एक ट्रक में रखकर भोजन को वितरण किया जा रहा है।


