
summer season ajmer
रक्तिम तिवारी/अजमेर।
अप्रेल की शुरूआत भी गर्माहट से हुई। रविवार को सुबह से शाम तक तीखी धूप और गर्मी ने परेशान किया। सूरज ने जमकर आग बरसाई। अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री रहा। लगातार पांचवें दिन पारा 39 डिग्री से नीचे नहीं उतरा है। अलबत्ता शनिवार के मुकाबले इसमें 1.1 की गिरावट जरूरी आई है। पाकिस्तान में उठे चक्रवात के चलते राजस्थान और विभिन्न प्रांतों में गर्मी बढ़ गई है।
सुबह से ही तीखी धूप के चलते मौसम में गर्माहट हो गई। दोपहर तक धूप की तेजी बढ़ गई। लोग छायादार स्थानों पर बैठे नजर आए। गर्मी के चलते लोगों को पंखे और एसी चलाने पड़े। शाम तक धूप के तीखेपन ने परेशान किया। न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री रहा।
बदल रहा मौसम का मिजाज
मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव बना हुआ है। बीते मार्च के तीसरे सप्ताह तक तापमान 30.7 से 34.5 डिग्री तक रहा था। अंतिम सप्ताह में तो तापमान में जबरदस्त बढ़ोतरी हो गई। खासतौर पर पारे में 27 से 31 मार्च तक ज्यादा बढ़ोतरी हुई। यह 40.4 डिग्री तक पहुंच गया था। जिस तरह अप्रेल के पहले दिन ही तापमान 39.3 डिग्री रहा है, उसको देखते हुए गर्मी के तेवर और भीषण होंगे।
यह है तापमान बढऩे की वजह...
बीते मार्च में पाकिस्तान में उठे चक्रवात के चलते भारत में मौसम बदला है। इसके चलते हवाओं ने उत्तर के बजाय दक्षिण का रुख कर लिाय है। ये हवाएं पाक के बलूचिस्तान क्षेत्र होते हुए भारत में पहुंच कर यहां गर्माहट फैला रही है।
मई-जून में होगा बुरा हाल
गर्मी के लिहाज से मई और जून सबसे भीषण महीने होते हैं। जिस तरह मार्च में ही पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा है, उसको देखते हुए अप्रेल सहित मई-जून में हालात विकट हो सकते हैं। लू के थपेड़े और गर्मी का प्रकोप राजस्थान और अन्य प्रांतों में कहर बन सकते हैं। गर्मी में पेयजल की उपलब्धता, तपाघात और अन्य बीमारियों पर नियंत्रण करना सरकारों के लिए चुनौती होगा। मानसून समय पर नहीं आया तो जुलाई तक गर्मी का असर बना रह सकता है।
Updated on:
01 Apr 2018 07:04 pm
Published on:
01 Apr 2018 08:18 pm
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
