पीएमसी को 12.40 करोड़ रुपए का ठेका स्मार्ट सिटी ने दे दिया था। शर्तों के अनुसार पीएमसी के निर्धारित समय सीमा में काम नहीं करने पर 20 हजार रुपए प्रतिदिन जुर्माना तथा 10 प्रतिशत कॉन्ट्रेक्ट मूल्य जो कि लगभग 1 करोड़ 24 लाख तक लगाने का प्रावधान है लेकिन अभियंताओं ने आंखे मूंद रखी हैं। टेंडर पब्लीकेशन,समय,पीएमसी व अधिकारियों के वेतन व सुविधाओं पर लाखों रुपए खर्च हो रहे है। स्मार्टसिटी द्वारा जारी निविदाओं में भुगतान की शर्तो में मासिक रूप से भुगतान करने की शर्तें लगाई गई है। हाल यह है कि चल रहे कार्य के किसी के एक तो किसी के दो रनिंग बिल दिए गए है। कार्यों में हो रही देरी विभागीयस्तर पर खुद के ऊपर ले ली जाती है जिससे कि ठेकेदारों पर जुर्माना नहीं लगे।
करोड़ों के टेंडर रद्द मगर जिम्मेदार कोई नहीं