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बरसे मेघा… आया सावन झूमके…

मनभावन सोमवार : झूमकर बरसी घटाओं ने किया सावन का स्वागत, कई सड़कें बनीं तरणताल, मार्टिंडल ब्रिज पर लगा जाम

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welcome savan

अजमेर में तेज बारिश के दौरान मदार गेट से बहता बारिश का पानी व गुजरते वाहन।

अजमेर. सुबह से तरसाने वाली सावन की घटाएं सोमवार दोपहर जमकर बरसी। हवा के संग तेज बारिश ने पूरे शहर को भिगोया। कई जगह नाले-नाली उफन पड़े। कई इलाकों में सड़कें तरणताल बनी नजर आई। शाम को बादल छितराए तो धूप निकली। घनघोर बादलों ने दोपहर 2 बजे चुप्पी तोड़ी।

20 मिनट तक तेज बरसात

वैशाली नगर, फॉयसागर रोड, कोटड़ा, शास्त्री नगर, पंचशील, कोटड़ा और आस-पास के इलाकों में करीब 20 मिनट तक तेज बरसात हुई। आदर्शनगर, नसीराबाद रोड, दौराई, तबीजी, चंदवरदायी नगर, सुभाष नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, रामगंज, केसरगंज, अजय नगर व अन्य इलाकों में भी जमकर बारिश हुई। कई इलाकों में रुक-रुक कर हल्की बारिश का दौर चलता रहा। अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा। सोमवार को 44.0 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई।

सड़कों-कॉलोनी में भरा पानी

ऋषि घाटी, बाबूगढ़ से उफनता पानी गंज सर्कल अैार सुभाष उद्यान के सामने भर गया। स्टेशन रोड, मदार गेट और तारागढ़ पहाड़ी क्षेत्र में भी पानी उफना। सावित्री कॉलेज, जयपुर रोड पर कांकरदा भूणाबाय, घूघरा घाटी और आस-पास के इलाकों में पहाड़ी से बहकर आया पानी सड़क पर भर गया।

मार्टिंडल ब्रिज पर लगा जाम

मार्टिंडल ब्रिज की तीसरी भुजा के नीचे पानी भरने से वाहन नहीं निकल सके। ब्रिज पर वाहनों का जाम लग गया। जलस्तर 1 घंटे बाद कम होने के बाद सड़क पर आवाजाही सामान्य हो सकी। वाहन चालकों को लाइट जलानी पड़ी। कई जगह पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों को पेड़ों और दुकानों के शेड्स की ओट लेनी पड़ी।

बरसात से मिली राहत

सावन की पहली अच्छी बरसात से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। बच्चों, राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों ने बरसात में भीगने का लुत्फ उठाया, हालांकि शाम को बादलों के हटते ही फिर उमस और गर्मी ने पसीने छुड़ाए।

बचे मानसून के 70 दिन

मानूसन की अवधि 1 जून से 30 सितम्बर तक मानी जाती है। इस लिहाज 52 दिन निकल चुके हैं। अब मानसून के 70 दिन शेष हैं। राज्य में मानसून की सक्रियता आषाढ़, सावन, भादों और आश्विन माह तक रहती है।

खाली पड़े हैं जलाशय

जिले के अधिकांश जलाशय फिलहाल खाली हैं। इनमें राजियावास, बीर, मूंडोती, पारा प्रथम और द्वितीय, बिसूंदनी, मकरेड़ा, रामसर, अजगरा, ताज सरोवर अरनिया, नारायण सागर खारी, मान सागर जोतायां, देह सागर बडली, भीम सागर तिहारी, खानपुरा तालाब व अन्य शामिल हैं।