
students giving exam
जोधपुर जिले के थबूकड़ा के एक निजी स्कूल संचालक ने फर्जी प्रवेश पत्र बनाकर 34 विद्यार्थियों को दसवीं की परीक्षा में बैठा दिया। इन विद्यार्थियों का परीक्षा शुल्क जमा नहीं होने से शिक्षा बोर्ड ने प्रवेश-पत्र जारी नहीं किए थे। स्कूल संचालन के फर्जीवाड़े की सूचना मिलने पर बोर्ड प्रशासन ने उसके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
जोधपुर के थबूकड़ा स्थित लक्की सीनियर सैकंडरी स्कूल के 17 विद्यार्थियों का परीक्षा शुल्क जमा नहीं होने और 17 अन्य विद्यार्थियों के आवेदन-पत्र में कमियां होने की वजह से बोर्ड प्रशासन ने उनके प्रवेश-पत्र रोक लिए थे।
स्कूल संचालक पी.पी. सिंह ने इसका रास्ता निकाला और बोर्ड की ओर से जारी रोल नंबर की सूची के सामने इन विद्यार्थियों के फोटो लगाकर परीक्षा केन्द्र में बैठा दिया। केन्द्राधीक्षक ने परीक्षा से कुछ देर पहले ही इस तरह के प्रवेश-पत्रों को देखकर स्थिति स्पष्ट होने तक इन विद्यार्थियों को परीक्षा की अनुमति दी, लेकिन इसकी सूचना बोर्ड प्रशासन को भी दे दी।
बोर्ड ने किया तलब फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही बोर्ड सचिव मेघना चौधरी ने स्कूल संचालक को तलब कर लिया। शुक्रवार को स्कूल संचालक ने बोर्ड पहुंचकर विद्यार्थियों को परीक्षा दिलाने की अनुनय विनय की।
राजस्थान प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चंद शर्मा ने भी बोर्ड सचिव से मिलकर विद्यार्थियों के हक में निर्णय करने का आग्रह किया। बोर्ड प्रशासन ने स्कूल संचालक को नियमानुसार एक लाख 90 हजार परीक्षा शुल्क और शास्ति जमा कराने के आदेश दिए। शुल्क जमा होने के बाद बोर्ड ने विद्यार्थी हित में प्रवेश-पत्र जारी कर दिए।
केन्द्राधीक्षक को क्लीन चिट
बोर्ड प्रशासन ने इस स्कूल के परीक्षा केन्द्र के केन्द्राधीक्षक को क्लीन चिट दे दी है। बोर्ड अध्यक्ष प्रो. बी.एल. चौधरी ने बताया कि चूूंकि परीक्षा कुछ ही देर में शुरू होने वाली थी, लिहाजा प्रवेश-पत्र वैध है या नहीं इसकी जांच के चक्कर में विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता था। केन्द्राधीक्षक ने तत्काल इसकी सूचना बोर्ड कार्यालय में भी दे दी थी।
दर्ज होगा मुकदमा
बोर्ड प्रशासन ने विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान रखते हुए उन्हें प्रवेश-पत्र तो जारी कर दिए, लेकिन स्कूल संचालक के खिलाफ सख्ती बरतने का फैसला किया है। बोर्ड की ओर से संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी को इस स्कूल संचालक के खिलाफ फर्जी प्रवेश-पत्र जारी करने का पुलिस में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
परीक्षा शुल्क हजम करने का दूसरा मामला
निजी स्कूल संचालकों की ओर से विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क लेने के बावजूद बोर्ड में जमा नहीं कराने का यह दूसरा मामला है। बोर्ड की दसवीं परीक्षा के लिए ही बारां जिले के छबड़ा स्थित ब्रिलिएंट स्कूल के संचालक ने भी 90 विद्यार्थियों का परीक्षा शुल्क जमा नहीं कराया था। प्रवेश-पत्र जारी नहीं होने के बाद परीक्षा शुरू होने के एक दिन पूर्व 8 मार्च को बोर्ड ने उससे 9 लाख 90 हजार रुपए परीक्षा शुल्क और शास्ति वसूल की।
स्कूल संचालक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। विद्यार्थियों का कोई दोष नहीं है। स्कूल संचालक के फर्जीवाड़े के बावजूद विद्यार्थियों का एक वर्ष खराब नहीं हो इसके लिए प्रवेश-पत्र जारी कर दिए हैं।
प्रो. बी.एल. चौधरी, अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर
Published on:
11 Mar 2017 12:04 pm
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