18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस बार जमकर गूंजेंगी शहनाई, शादी से जुड़े व्यवसायियों में खुशी छाई

देवउठनी एकादशी से शुरू होगा शादियों का दौर करीब दो साल से कोरोना संक्रमण के कारण ठप पड़े शादी से जुड़े व्यवसाय में इस बार बूम आने की संभावना से लोगों में खुशी का माहौल है। इसके चलते एक माह बाद शुरू होने वाले शादी सीजन के लिए व्यवसायियों ने तैयारियां भी शुरू कर दी है।

2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Dilip Sharma

Oct 17, 2021

विवाह सम्मेलनों से दिया एकता का संदेश,59 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

विवाह सम्मेलनों से दिया एकता का संदेश,59 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

बाड़ी. करीब दो साल से कोरोना संक्रमण के कारण ठप पड़े शादी से जुड़े व्यवसाय में इस बार बूम आने की संभावना से लोगों में खुशी का माहौल है। इसके चलते एक माह बाद शुरू होने वाले शादी सीजन के लिए व्यवसायियों ने तैयारियां भी शुरू कर दी है। वीं विवाह से जुड़े बैण्ड मालिक, कैटर्स व अन्य काम करने वालों में कोरोना गाइडलाइन्स को लेकर निराशा है।आगामी 14 नवम्बर से प्रारंभ होने वाले शादी विवाह की मंगल ध्वनि इस वर्ष मात्र दर्जऩ भर दिनों में ही सुनने को मिल सकेंगी। नवम्बर माह में 14, 19, 20, 21, 28, 29 30 तारीख को ही विवाह मुहूर्त हैं। जबकि दिसम्बर माह में 1, 6, 7, 11, 12 व 13 तारीख को ही विवाह की मंगल घडिय़ा निश्चित हैं।

चार माह बाद आएगा वैवाहिक सीजन
20 जुलाई को देवशयनी एकादशी तक ही शादी विवाह संपन्न हुई हैं। अब देवउठनी एकादशी से फिर से वैवाहिक सीजन प्रारंभ होगा। मान्यताओं के अनुसार नवदम्पती के जीवन में प्रकाश की किरणें हर समय आती रहें। इसके लिए बेटी व बेटे के माता-पिता विवाह की शुभ घड़ी समय व लगन विद्वान आचार्यों से सुनिश्चित करवाते हैं।

स्टॉक करना किया शुरू

गत दो वर्ष से कोरोना वैश्विक बीमारी के कारण विवाह का सीजन पूरी तरह चौपट हो गया था। इन दो माहों में होने वाले इस सीजन को भुनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, शादी कार्ड, कपड़े आदि के व्यापारियों ने स्टॉक करना प्रारंभ कर दिया है।
इनका कहना है

कोरोना गाइड लाइन्स के चलते गत दो वर्ष से धंधा चौपट हो गया है। सरकार को नियमों में ढील देनी चाहिए।योगेंद्र मंगल, प्रमुख कैटर्स

कोरोना से पहले एक शादी का बिल एक लाख रुपए से ऊपर बैठता था। वह अब मात्र 20 से तीस हजार तक सिमट कर रह गया है। काम छोटा हो या बड़ा लेबर तो पूरी लगानी पड़ती है। बिना काम दो वर्ष से काफी नुकसान हुआ है।सुनील चंसौरिया, हलवाई
सरकार ने यदि इस बार भी पहले की तरह सख्ती दिखाई, तो व्यापार पूरी तरह चौपट हो जाएगा। कम से कम 1000 लोगों का बैण्ड व्यवसाय से रोजगार मिलता था। गयाप्रसाद कोली, बैंड मालिक।

आज भले ही इंटरनेट के दौर में नवयुगल प्रीवीडिंग शूटिंग पर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, पर पहले जैसा काम करने का मजा नहीं रहा है। कोरोना ने व्यापार को प्रभावित किया है। मजीत खान, फोटोग्राफर।

शादी विवाह के सीजन पर ही हमारा व्यवसाय निर्भर है। कोरोना गाइडलाइन्स के चलते शादी कार्ड छप तो रहे हैं, लेकिन उनकी संख्या में काफी कमी आई है।अनुराग वासु, प्रिंटिंग प्रेस व्यवसाई।

पहले एक दिन में ही चार-चार शादी की बुकिंग हो जाती थीं, लेकिन अब तो सीजन में एक शादी की बुकिंग के भी लाले पड़ गए हैं।पिंकी गोयल, ब्यूटी पार्लर संचालिका।