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कोरोना इफेक्ट : परदेसी ‘पावणे’ नहीं आ रहे,देसी ने भी किया किनारा, पर्यटन व्यवसाय बना ‘बेसहारा’

एक साल से कोरोना की चपेट में अजमेर जिले में पर्यटन व्यवसाय,परदेसी पर्यटकों ने कोरोना संक्रमण के भय के चलते बनाई दूरी,कोरोना की दूसरी लहर के खतरनाक रवैए से पर्यटन स्थल फिर से किए बंद

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कोरोना इफेक्ट : परदेसी ‘पावणे’ नहीं आ रहे,देसी ने भी किया किनारा, पर्यटन व्यवसाय बना ‘बेसहारा’

कोरोना इफेक्ट : परदेसी ‘पावणे’ नहीं आ रहे,देसी ने भी किया किनारा, पर्यटन व्यवसाय बना ‘बेसहारा’

ajmer news अजमेर. कोरोना संक्रमण ने अजमेर जिले में पर्यटन को फिर से नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। इस साल जनवरी से मार्च अंत तक पर्यटन को कुछ संजीवनी मिली थी, लेकिन अप्रेल की शुरुआत से देशी-विदेशी पर्यटक नहीं दिख रहे। खासतौर कई राज्यों में वीकेंड कफ्र्यू, आरटीपीसीआर जांच की अनिवार्यता और अन्य पाबंदियों से पर्यटकों की आवाजाही थम गई है।

कोरोना संक्रमण के चलते पिछले साल अजमेर में ख्वाजा साहब की दरगाह-तारागढ़, पुष्कर में सरोवर और ब्रह्माजी के मंदिर, आनासागर बारादरी, चौपाटी नारेली, सोनीजी की नसियां में पर्यटकों की आवाजाही ठप थी। पुष्कर तो देशी और विदेशी सैलानियों की पसंदीदा जगह रहा है, लेकिन यहां भी सन्नाटा पसरा रहा था। नारेली स्थित ज्ञानोदय तीर्थ स्थल भी इससे प्रभावित है।

यहां से आते है विदेशी पर्यटक

अजमेर-पुष्कर सहित उदयपुर, जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और अन्य शहरों में स्विटजरलैंड, फ्रांस, रूस, जर्मनी, इटली, ब्राजील, इजरायल, स्पेन, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों के पर्यटक पहुंचते हैं। देशी पर्यटकों की आवाजाही तो प्रतिमाह लाखों में होती है। पर्यटन से अधिकांश शहरों में होटल, कैब, रेस्टोरेंट, रेल-हवाई सेवा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्र सीधे तौर पर जुड़े हैं।

जनवरी से मार्च तक हुई थी आवाजाही

पाबंदियों में रियायत मिलने पर इस साल जनवरी से मार्च तक पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी थी। अजमेर में आनासागर बारादरी, लिंक रोड और रीजनल कॉलेज चौपाटी, नागपहाड़ पर बनी सांझी छत सैलानियों और आमजन से आबाद नजर आई। पुष्कर सरोवर के घाटों और मंदिरों में भी देशी पर्यटकों का जमावड़ा दिखा। अप्रेल के पहले सप्ताह तक देशी पर्यटकों से होटल, रेस्टोरेंट और टूरिस्ट विलेज आबाद रहे।

साल 2020 में आए पर्यटक

अजमेर : देशी पर्यटक -7 लाख 25 हजार (1 जनवरी से 31 दिसंबर तक)

पुष्कर : देशी पर्यटक-4.25 लाख (1 जनवरी से 31 मार्च तक)
2021 में आए पर्यटक (अजमेर-पुष्कर)

देशी पर्यटक -5.25 लाख (1 जनवरी से 31 मार्च तक)

विदेशी पयर्टक-फ्लाइट्स बंद होने से शून्य

बढ़ा था टूरिज्म, मगर अब रोक

पर्यटन विशेषज्ञ डॉ. ए.के. रैना ने बताया कि कोविड-19 वैक्सीन की टेस्टिंग और वैक्सीनेशन के बाद राजस्थान सहित अजमेर-पुष्कर में घरेलू पर्यटन धीरे-धीरे बढ़ रहा था। लोग मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाइजर का इस्तेमाल भी करने लगे हैं। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर और सख्ती के चलते सभी देशों में पर्यटन प्रभावित है। हालांकि नियमानुसार हैल्थ प्रोटोकॉल और सुरक्षा उपाय अपनाने से पर्यटन को संबल मिल सकता है।

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