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ट्रेन को बम से उड़ाने की धमकी

मुजफ्फरपुर-पोरबंदर एक्सप्रेस को मंगलवार रात बम से उड़ाने की धमकी से हड़कम्प मच गया। जीआरपी अजमेर कन्ट्रोल रुम पर आए कॉल से तमाम सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई। हालांकि पुलिस ने कुछ घंटे की मशक्कत के बाद जिस युवती के नाम सिम कार्ड जारी था उसका परिवार जीआरपी थाने पहुंच गया।
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ajay yadav

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Updated: 30 Nov 2016, 1:15 AM IST

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अजमेर.

मुजफ्फरपुर-पोरबंदर एक्सप्रेस को मंगलवार रात बम से उड़ाने की धमकी से हड़कम्प मच गया। जीआरपी अजमेर कन्ट्रोल रुम पर आए कॉल से तमाम सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई।

हालांकि पुलिस ने कुछ घंटे की मशक्कत के बाद जिस युवती के नाम सिम कार्ड जारी था उसका परिवार जीआरपी थाने पहुंच गया। पुलिस देर रात तक उनसे पूछताछ में जुटी रही। हालांकि ट्रेन के पांच घंटे देरी से चलने से सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली।

मंगलवार रात सवा 9 बजे जीआरपी कन्ट्रोल रुम पर अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर अजमेर आने वाली मुजफ्फरपुर-पोरबंदर एक्सप्रेस को बम से उड़ाने की धमकी दी। सूचना पर जीआरपी, आरपीएफ, खुफिया एजेंसी व जिला पुलिस में अलर्ट जारी कर दिया।

इधर जीआरपी व पुलिस की टीम कॉलर की कॉल ट्रेस करने में जुट गई। कुछ घंटे की मशक्कत के बाद ही अजमेर के धोलाभाटा क्षेत्र निवासी युवती का परिवार जीआरपी थाने पहुंच गया। पुलिस देर रात तक उनसे पूछताछ में जुटी रही। हालांकि प्रारम्भिक पड़ताल में फर्जी दस्तावेज से सिम कार्ड जारी करवाने का मामला सामने आया। पुलिस कॉलर की तलाश में जुटी है।

प्लेटफार्म पर यात्रियों की तलाशी

सूचना के बाद सक्रिय हुई जीआरपी और आरपीएफ ने अजमेर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म और मुसाफिर खाने में बैठे यात्रियों के सामान की तलाशी ली। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। इधर जीआरपी ने अलवर से आबू रोड तक के स्टेशन पर अलर्ट जारी कर दिया।

पांच घंटे देरी से ट्रेन

मुजफ्फरपुर-पोरबंदर एक्सप्रेस का रात 9.30 बजे अजमेर पहुंचने का समय था, लेकिन ट्रेन अपने समय से करीब साढ़े पांच घंटे देरी से चल रही थी। सूचना के वक्त ट्रेन की लोकेशन दिल्ली पालम स्टेशन पर थी। आरपीएफ और जीआरपी ने धमकी मिलने के बाद अलर्ट जारी कर दिया। ट्रेन के रात 11.41 बजे अलवर पहुंचते ही जीआरपी के जवान उसमें चढ़ गए। खबर लिखे जाने तक ट्रेन में सब कुछ ठीक था।

फर्जी दस्तावेज से लिया सिमकार्ड!

ट्रेन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सक्रिय होते ही कुछ देर में धोलाभाटा का परिवार सामने आ गया। युवती और उसके परिवार ने सूचना देने से इनकार कर दिया।

प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि बम की सूचना जिसने दी वह प्रीति नामक युवती के दस्तावेज से फर्जी तरीके से सिमकार्ड जारी कराया गया है। पुलिस मामले की गहनता से पड़ताल में जुटी है। हालांकि मामले में जीआरपी थानाप्रभारी सम्पतराज कुछ कहने से बचते रहे।