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University on ventilator: ना कुलपति ना बॉम में सदस्य, खाली पड़े हैं डीन पद

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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 31 Jan 2019, 6:32 AM IST

mds university problem

mds university problem

अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय वेंटीलेटर पर पहुंच गया है। यहां कुलपति के कामकाज पर रोक लगी है। बॉम में विधायक और कई सदस्यों के पद रिक्त हैं। विभिन्न संकाय में डीन भी नहीं हैं। हालात नहीं बदले तो शैक्षिक और प्रशासनिक कार्यों के संचालन में मुश्किलें पैदा होंगी।

विश्वविद्यालय के एक्ट 7 (1) के तहत प्रबंध मंडल का गठन किया गया है। सभी शैक्षिक, प्रशासनिक फैसले, नियुक्तियां, दीक्षान्त समारोह, डिग्रियों का निर्माण और अन्य कार्य प्रबंध मंडल लेता है। कुलपति की अध्यक्षता वाले प्रबंध मंडल में विधानसभा द्वारा नियुक्ति दो विधायक, राज्यपाल एवं राज्य सरकार के प्रतिनिधि (एक-एक), विश्वविद्यालय कोटे से दो प्रोफेसर, एक डीन, कॉलेज के दो प्रतिनिधि, उच्च शिक्षा, वित्त, योजना विभाग के प्रमुख सचिव, कॉलेज शिक्षा निदेशक सदस्य होते हैं। इसमें कुलसचिव सदस्य सचिव के रूप में शामिल होते हैं।

बॉम में सदस्यों के पद रिक्त

बॉम में डीन कोटे से सदस्य पद रिक्त है। कॉलेज के दो प्रतिनिधियों की नियुक्ति पर भी विश्वविद्यालय मौन है। ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत और मसूदा की पूर्व विधायक सुशील कंवर पलाड़ा का प्रबंध मंडल से कार्यकाल खत्म हो चुका है। कांग्रेस सरकार ने अब तकनए विधायकों की नियुक्ति नहीं की है।

कुलपति के कामकाज पर रोक
हाईकोर्ट ने कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह के कामकाज पर रोक लगाई है। इस लिहाज से वे शैक्षिक, प्रशासनिक और वित्तीय कार्य के अलावा प्रबंध मंडल की बैठकों में नहीं बैठ सकते हैं।

संकायों में नहीं डीन

पाठ्यक्रम निर्धारण सहित प्रवेश और अन्य नियमों के लिए संकायवार डीन जरूरी हैं। मौजूदा वक्त विश्वविद्यालय में कॉमर्स, मैनेजमेंट, शिक्षा, ललित कला संकाय सहित डीन कॉलेज का पद रिक्त है। विज्ञान, लॉ और सामाजिक विज्ञान संकाय में ही डीन मौजूद हैं। इसके अलावा डीन पी.जी. कॉलेज का पद भी रिक्त हो गया है।

कैसे चलेगा विश्वविद्यालय का काम
कुलपति, बॉम में सदस्य और डीन के बगैर विश्वविद्यालय कोई अहम फैसले नहीं ले सकता है। ऐसे में विश्वविद्यालय की स्थिति नाजुक हो गई है। सरकार और राजभवन स्तर पर जल्द निर्णय नहीं लिए जाने पर भविष्य में परेशानियां और बढ़ेंगी।