
डेढ़ गट्टा जमीन के लिए महिला ने मांगी इच्छा मृत्यु
अजमेर.
चार साल से डेढ़ गट्टा जमीनी पर कब्जा छुड़ाने को लेकर संघर्षरत विधवा महिला ने कलक्टर से इच्छा मृत्यु की मांग की है। उसने बताया कि चार साल से वह अपनी जमीन से कब्जा हटवाने के लिए उपखण्ड कार्यालय, पुलिस थाना और कोर्ट कचहरी के चक्कर लगा रही है लेकिन उसको न्याय नहीं मिला। आरोपी ने राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत कर जमीन पर कब्जा कर लिया।
मामला सावर तहसील के बिसुन्दनी निवासी मानादेवी पत्नी स्व. नाथूलाल कुम्हार का है। मानादेवी ने बुधवार को पुत्र और पुत्रवधू के साथ कलक्टर विश्वमोहन शर्मा को ज्ञापन दिया। मानादेवी ने बताया कि बिसुन्दनी में उसकी कृषि भूमि है। जहां नारंगी देवी पत्नी बरदीचन्द दरोगा व अध्यापक हिम्मत सिंह पड़ोसी है। २०१५ में अध्यापक हिम्मत सिंह ने डेढ़ गट्टा कृषि भूमि पर कब्जा कर लिया। उसने जून २०१५ में राजस्व अधिकारी व उपखंड कार्यालय में अपिल की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पीडि़ता ने मामले में मुकदमा भी दर्ज करवाया अदालत ने यथास्थिति के आदेश दिए आरोपी ने कब्जाशुदा जमीन पर पोल गाड़कर व मिट्टी डाल दी। चाल साल तक भटकने के बाद भी उसको न्याय नहीं मिला। आरोपी हिम्मत सिंह ने २८ जून २०१९ को जबरन उसके खेत में घूसकर जाने से मारने का प्रयास किया। वह और उसकी पुत्रवधू को जान बचाकर भागना पड़ा।
राजस्व अधिकारियों ने की गड़बड़
पीडि़ता का आरोप है कि उसके प्रकरण में राजस्व अधिकारियों ने गड़बड़ करते हुए भूमि का खसरा नम्बर का गलत अंकन कर दिया। जिससे अध्यापक हिम्मत सिंह डेढ़ गट्टा जमीन पर अन्दर घूसते हुए उसकी जमीन पर काबिज हो गया। पीडि़ता ने बताया कि उसन सैकड़ों प्रार्थना पत्र अधिकारियों को दे चुकी है लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में वह अब परिवार के साथ इच्छा मृत्यु चाहती है।
Published on:
21 Aug 2019 02:54 pm
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