पुष्कर एक धार्मिक सनातनी तीर्थ है। इसकी परम्परा व पौराणिक महत्व कायम रखने के लिए यहां से भगवाधारी को ही टिकट दिया जाना चाहिए।
पुष्कर ( अजमेर ).
पुष्कर एक धार्मिक सनातनी तीर्थ है। इसकी परम्परा व पौराणिक महत्व कायम रखने के लिए यहां से भगवाधारी को ही टिकट दिया जाना चाहिए। दशनाम जूना अखाड़ा के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष संत प्रेमगिरी ने शुक्रवार को पुष्कर में अल्प प्रवास के दौरान पत्रकारों से यह बात कही। उन्होंने कहा कि यूपी में योगी, राजस्थान के अलवर में बालकनाथ जीत सकते हैं तो पुष्कर मेें भगवाधारी क्यों नहीं।
इससे पूर्व प्रेमगिरी ने साथ आए संतों के दल के साथ ब्रह्म घाट पर सरोवर की पूजा-अर्चना की तथा ब्रह्मा मंदिर में दर्शन किए। कपालेश्वर मंदिर में महंत सेवानंद गिरी, ओमप्रकाश, भंवर सिंह रावत, अजय शर्मा आदि ने संतों का भगवा शॉल व माला पहनाकर स्वागत किया।
ब्रह्मा मंदिर का महंत अब जनता के हाथों में
संत प्रेमगिरी ने कहा कि पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर महंत की गादी निर्वाणी अखाडे की है। पांच साल से खाली पडी है। कोई व्यवस्था नहीं होने पर कोई दशनामी महंत बन सकता है, लेकिन हमारे बीच विवाद नहीं हो तथा लम्बा समय बीत गया है इसलिए अब महंताई का चयन आम जनता ही करेगी। यह ही नियम है।
गंदगी पर जताई चिंता
अध्यक्ष प्रेमगिरी ने पुष्कर में गंदगी पर चिंता जताते हुए कहा कि यहां पर जगह-जगह गंदगी फैली है। इसे दूर करने की जरूरत है।