
अलीगढ़ की इस मस्जिद में है टनों सोना, आश्चर्यजनक
ताजमहल की तर्ज पर बनी जामा मस्जिद में भरा है टनों सोना। जीहां, जामा मस्जिद का नाम तो अपने सुना होगा। पर यहां नई दिल्ली नहीं अलीगढ़ के जामा मस्जिद की बात हो रही है। यह मस्जिद एशिया की एकलौती मस्जिद है जिसकी गुंबद और मीनारें सोने से मढ़ी हुईं हैं। जामा मस्जिद के 17 गुंबदों को ठोस सोने से बनाया गया है जबकि ताजमहल और स्वर्ण मंदिर में सिर्फ सोने की परत चढ़ाई गई है। इसके साथ ही एक खासियत यह भी है कि, इसका प्रेम के प्रतीक ताजमहल से भी कनेक्शन है। बताया जाता है कि, ताजमहल के मुख्य इंजीनियर ईरान के अबू ईसा अंफादी के पोते ने जामा मस्जिद का निर्माण कराया था।
मस्जिद-ताज की कारीगरी में समानता
ऊपरकोट में स्थित जामा मस्जिद का निर्माण हजरत नवाब साबत खां, मुगल तातार जंगे बहादुर ने करवाया था। मस्जिद का निर्माण 1714 में शुरू हुआ था और 1741 में बनकर तैयार हुआ था। अगर गौर से देखेंगे तो जामा मस्जिद और ताजमहल की कारीगरी में बहुत समानताएं देखने को मिलती है।
1857 की क्रांति से भी है सम्बंध
अलीगढ़ की जामा मस्जिद देश की पहली मस्जिद है जहां पर 1857 की क्रांति के 73 शहीदों की कब्रें हैं। इस वजह से इसे गंज-ए-शहीदान यानी शहीदों की बस्ती भी कहा जाता है। जामा मस्जिद में करीब 5000 लोग एक साथ बैठकर नमाज अता कर सकते हैं। इसमें महिलाओं के लिए अलग से नमाज अता करने की व्यवस्था है।
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गुंबद पर खास लेप
गाइड शम्शुद्दीन बताते हैं कि, गुंबद पर शीप और खास तरह के रंगीन पत्थरों का लेप किया गया है जिस वजह से मस्जिद पर चढ़ना मुश्किल है।
Published on:
05 May 2022 08:16 pm

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