3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Aligarh Liquor Case : जहरीली शराब का कहर जारी, मरने वालों की संख्या 50 के पार, सच छिपा रहा प्रशासन

Aligarh Liquor Case : अलीगढ़ शराब कांड में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने थाना लोधा के एसओ अभय कुमार शर्मा को निलंबित किया। मुख्यारोपी की पत्नी सहित आधा दर्जन आरोपी गिरफ्तार।

3 min read
Google source verification
aligarh.jpg

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
अलीगढ़.अलीगढ़ जिले के गांवों में जहरीली शराब (Poisonous Liquor) से मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। मृतकों की संख्या 50 पार पहुंच चुकी है। जबकि डेढ़ दर्जन लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि शनिवार रात तक 51 शव पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे, जिनमें से 48 शवों का पोस्टमार्टम हो चुका था। इसके बावजूद डीएम ने देर रात तक केवल 25 लोगों की मौत की पुष्टि की। जबकि भाजपा सांसद सतीश गौतम शनिवार दोपहर को ही पोस्टमार्टम केंद्र पर 35 मौतों की बात स्वीकारी थी। इस तरह प्रशासन मौत के आंकड़ों को दबाने का प्रयास कर रहा है। उधर, एसएसपी कलानिधि नैथानी ने थाना लोधा के एसओ अभय कुमार शर्मा को निलंबित कर दिया। अब तक पुलिस मुख्यारोपी की पत्नी सहित आधा दर्जन आरोपियाें को गिरफ्तार कर सकी है। फरार ठेकेदारों को अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

यह भी पढ़ें- कच्ची शराब की सच्ची कहानी, जानिए महज दस रुपये में कैसे तैयार किया जाता है मौत का पव्वा

बता दें कि अलीगढ़ जिले में थाना लोधा क्षेत्र के करसुआ गांव और खैर थाना क्षेत्र के अंडला और जवां थाना क्षेत्र के छेरत गांव में ग्रामीणों ने अलग-अलग देसी शराब के ठेकों से शराब खरीदकर पी थी। शराब पीने के बाद रात के समय लोगों की तबीयत खराब होने लगी और इसके बाद शुरू हुआ मौतों का सिलसिला अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार रात तक 27 लोगों की मौत हो चुकी थी। लगातार मौतों के बाद प्रशासन ने देसी शराब के ठेकों की बंदी के आदेश दिए। इसके बावजूद पिसावा थाना क्षेत्र के शादीपुर और जट्टारी गांव में ग्रामीणों ने शराब खरीदकर पी, जिससे शनिवार सुबह शादीपुर में आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई। इसी तरह लोधा में 11, खैर और जवां में दो-दो, गभाना में तीन और टप्पल में एक की मौत हुई।

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि शराब कांड में अभी तक आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जवां थाने में मुकदमा दर्ज होने के बार जिला पंचायत सदस्य रेनू शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। जिसकी निशानदेही पर शराब की बोतल के सैकड़ों ढक्कन, गुड इवनिंग ब्रांड के रैपर और सील ढक्कन बरामद किए गए हैं। जवां थाने में कपिल शर्मा पर दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। शराब कांड के आरोपी भाजपा नेता ऋषि शर्मा और विपिन यादव का फिलहाल सुराग नहीं लग सका है। इन दोनों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित है। पुलिस की आधा दर्जन टीमें लगातार आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

शासन को भेजी गोपनीय जांच रिपोर्ट

जांच रिपोर्ट में खुलास हुआ कि मिलावटी और जहरीली शराब का गौरखधंधा आबकारी विभाग की मिलीभगत से ही फल-फूल रहा था। डीएम चंद्रभूषण सिंह और एसएसपी कलानिधि ने शासन को संयुक्त जांच रिपोर्टभेजी है। रिपोर्ट में आबकारी विभाग के सिपाही से लेकर अधिकारियों की मिलीभगत होना बताया गया है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई से पहले ही कर्मचारी शराब माफिया को सूचना दे देते थे। अधिकारी भी केवल दिखाने के लिए ही कार्रवाई करते थे। कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। जिलाधिकारी ने बताया कि फिलहाल शासन को प्राथमिक गोपनीय जांच भेजी गई है।

अब गांवों में कराई जा रही ये मुनादी

जिला प्रशासन की ओर अब ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव मुनादी कराई जा रही है। राजस्व और लेखपाल टीमें गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से कुछ दिन तक देसी शराब नहीं पीने की अपील कर रहे हैं। ग्रामीणों से कहा जा रहा है कि देसी शराब पीने से कई लोगों की जान जा चुकी है। अगर किसी पहले से खरीदकर शराब घर में रखी है तो उसे नाली में बहा दें। यह जानलेवा साबित हो सकती है।

डीएम ने की 25 मौतों की पुष्टि

जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने यह तो स्वीकारा है कि शनिवार देर रात 51 शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने केवल 25 लोगों की मौत शराब पीने से होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शेष संदिग्ध मौतों के संबंध में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का आकलन करने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

यह भी पढ़ें- सीआईएसएफ जवान ने जहरीली शराब से मौतों के मामले में उगले कई राज

Story Loader