जिन्ना विवाद: हिंदू राजा की जमीन पर बनी है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, वंशज बोले कैंपस में राजा साहब की प्रतिमा लगनी चाहिए

जिन्ना विवाद: हिंदू राजा की जमीन पर बनी है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, वंशज बोले कैंपस में राजा साहब की प्रतिमा लगनी चाहिए

suchita mishra | Publish: May, 05 2018 12:05:28 PM (IST) Aligarh, Uttar Pradesh, India

राजा महेंद्र प्रताप के वंशज राजा बहादुर गरुड़ ध्वज ने हिंदूवादी नेताओं की मांग को जायज ठहराया है और एएमयू कैंपस में राजा की प्रतिमा लगाने की मांग की है

हाथरस। देश में इन दिनों मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर बवाल मचा हुआ है, हिंदूवादी नेता अलीगढ़ विश्व विद्यालय में जिन्ना की तस्वीर का विरोध कर रहे हैं जिसके बाद हिन्दूवादी नेता और एमएमयू के छात्र आमने सामने आ गए हैं। हिन्दूवादी नेताओं ने मांग की है कि एएमयू कैंपस में जिन्ना की तस्वीर की जगह राजा महेंद्र प्रताप की तस्वीर होनी चाहिए क्योंकि उन्होंने ही यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए जमीन दी थी। इसी मामले में अब राजा महेंद्र प्रताप के वंशज राजा बहादुर गरुड़ ध्वज भी सामने आ गए हैं और उन्होंने हिंदूवादी नेताओं की मांग का समर्थन करते हुए कैंपस में राजा महेंद्र प्रताप सिंह की मूर्ति लगाए जाने की बात कही है।

ये बोले राजा के वंशज
राजा बहादुर गरुड़ ध्वज ने कहा कि हिंदूवादी नेताओं की मांग बिल्कुल जायज है क्योंकि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में राजा साहब का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि जब लोग शिक्षा व्यवस्था की जानकारी भी नहीं रखते थे तब राजा महेन्द्र प्रताप सिंह ने देश को तमाम शैक्षिक संस्थाएं दीं। देश को पहला टेक्निकल कॉलेज राजा साहब ने ही दिया था।

 

उन्होंने अलीगढ़ स्टेट जो राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्टेट के नाम से आज भी जमीनी दस्तावेजों में दर्ज है, उसमें से काफी बड़ा हिस्सा उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लिए दिया था। इस जमीन पर ही यूनिवर्सिटी का निर्माण हुआ। उन्होंने अपने ऐश और आराम को छोड़कर देश के लिए बहुत कुछ किया। देश की आजादी में भी उनका काफी योगदान रहा। ऐसी शख्सियत को हमें हमेशा याद रखना चाहिए।

कैंपस में राजा की तस्वीर की मांग सराहनीय
राजा बहादुर गरुड़ ध्वज ने कहा कि जिन संगठनों ने भी एएमयू कैंपस में राजा महेंद्र प्रताप सिंह की तस्वीर की मांग की है, उन्होंने बहुत सराहनीय काम किया है। कैंपस में राजा साहब की प्रतिमा लगनी चाहिए। ताकि छात्रों को इस बात की जानकारी हो कि इस संस्था को जमीन देकर निर्माण कराने वाला कौन था और उन्होंने देश के हित में क्या क्या किया।

 

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