यहां आसपास खुली दुकानें, जिनपर दरगाह पर चढ़ाने के लिये चादर व फूल मिलते हैं । दुकानदार 101 रूपये से लेकर 1000 रूपये तक में श्रद्धालुओं बेचते हैं । चादर के नाम फटा चीथड़ा, दो टूटी अगरबत्तियां, एक पुराना नारियल व एक टूटा हुआ मिट्टी का दीया देते हैं। इससे भी अच्छा चाहिए तो अंदर से लाकर देने की व्यवस्था है, जिसे खोलकर देखने पर वह बदबूदार और फटा हुआ मिलेगा। प्रसाद भी दस-दस रूपये के पैकेट में यहां मिलता है। दरगाह के अंदर घुसते ही एक व्यक्ति झाड़ा लगाने के नाम पर श्रद्धालुओं से सौ-सौ रूपये वसूलता है।