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मंगलायतन विश्वविद्यालय में 45 मिनट तक छात्रों ने पढ़ीं किताबें, जानिए क्यों?

-प्रशासन के निर्देश पर पढ़े अलीगढ़’ कार्यक्रम आयोजित-प्रेरणादायी पुस्तकें पढ़ने की आदत डालें छात्रः कुलपति

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मंगलायतन विश्वविद्यालय में 45 मिनट तक छात्रों ने पढ़ीं किताबें

मंगलायतन विश्वविद्यालय में 45 मिनट तक छात्रों ने पढ़ीं किताबें

अलीगढ़। ज्ञान में वृद्धि और शिक्षा के क्षेत्र में सफलता के लिए पढ़ना यानि अध्ययन करना आवश्यक है। अपने पाठ्यक्रम से अलग प्रेरणादायी और शिक्षाप्रद पुस्तकें पढ़ने की आदत भी विद्यार्थियों को डालनी चाहिए। ये विचार मंगलायतन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 केवीएसएम कृष्णा ने ‘पढ़े अलीगढ़’ कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। कार्यक्रम का आयोजन अलीगढ़ प्रशासन के निर्देश पर किया गया था।

निरक्षरों को पढ़ाया
विवि परिसर में सभी पाठ्यक्रमों के छात्रों ने मिलकर प्रेरक पुस्तकों का अध्ययन किया। प्रशासन के निर्देष पर 45 मिनट तक छात्रों ने पुस्तकों का सतत अध्ययन किया। कार्यक्रम के उपरांत एनएसएस स्वयं-सेवकों ने विवि में मौजूद निरक्षर लोगों को भी न केवल पढ़ाया बल्कि अध्ययन का महत्व भी समझाया। डायरेक्टर जनरल डॉ. ए0के0 मिश्रा और प्रो0 जयंती लाल जैन ने भी छात्रों को प्रोत्साहित किया। इस मौके पर प्रो0 शिवाजी सरकार ने परीक्षा संबंधी एक प्रेरक कहानी को अपने जीवन में अनुकरण करने की सलाह दी। कहानी का वाचन मयंक जैन ने किया। आभार व्यक्त करते हुए डॉ. सिद्धार्थ जैन ने साक्षरता के प्रसार हेतु छात्रों का आवाहन किया।

इन्होंने निभाई सक्रिय भूमिका
पढ़े भारत-बढ़े भारत की संकल्पना को पूर्ण करने के उदेद्श्य के लिए निरक्षर लोगों को पढ़ाने की बात भी छात्रों को कही। आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना के चारों इकाइयों के सेवकों ने अपने अधिकारियों सोनी सिंह, डॉ. रंजना तिवारी, लव मित्तल और अनुराधा यादव के नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभाई। संचालन छात्र डेनियल ने किया। कार्यक्रम के दौरान लीना दु्रवा, गोपाल सिंह राजपूत, विकास वर्मा, श्वेत शर्मा आदि मौजूद रहे।