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एएमयू में रिसर्च मेथड्स एंड डाटा एनालिटिक्स विद एसपीएसएस पर कार्यशाला

कुलपति ने कहा कि एक शिक्षक के लिए आवश्यक है वह अनुसंधान प्रस्ताव बनाने के साथ सर्वोत्तम वित्तपोषण एजेंसियों को खोजने के सही तरीकों को भी जाने।

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अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा रिसर्च मेथड्स एंड डाटा एनालिटिक्स विद एसपीएसएस विषय पर आयोजित 10 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन आज कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर द्वारा कला संकाय के लाउंज में किया गया। कार्यशाला के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि शोध के क्षेत्र में डाटा एनालिटिक्स वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों एवं शोधार्थियों को अनुसंधान के सही तरीके सीखने के साथ शोध पद्धति के नियमों का पालन करना चाहिए।

शिक्षक के लिए ये है आवश्यक
कुलपति ने कहा कि एक शिक्षक के लिए आवश्यक है वह अनुसंधान प्रस्ताव बनाने के साथ सर्वोत्तम वित्तपोषण एजेंसियों को खोजने के सही तरीकों को भी जाने। उन्होंने बताया कि एएमयू में जल्द ही अनुसंधान प्रस्ताव बनाने के कौशल को और बेहतर बनाने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर विभाग में शोध परियोजनायें आएंगी तो उसे संपूर्ण विभाग को लाभ होगा। कुलपति ने कहा कि छात्रों का प्लेसमेंट भी उनकी उच्च प्राथमिकता में शामिल है। प्रो. मंसूर ने कहा कि मनोविज्ञान विभाग को अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना चाहिए। प्रो. मंसूर ने मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. हाफिज एम इलियास द्वारा विभाग के उत्थान के लिए किये गये कार्यों की भी प्रशंसा की।

मिलेगी मदद
मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर हाफिज एम इलियास खान ने कहा कि एमफिल, पीएचडी व शोध पत्र के लेखन में यह कार्यशाला बहुत मददगार साबित होगी और इससे प्रतिभागियों को पर्याप्त ज्ञान प्राप्त होगा। उन्होंने कुलपति के एएमयू से पुराने संबंधों और चार्ज लेने के बाद उनके नेतृत्व में हुए तेजी के साथ विकास पर भी प्रकाश डाला। कार्यशाला के उपाध्यक्ष प्रोफेसर अकबर हुसैन ने कहा कि वर्तमान कुलपति के कार्यकाल में जिस प्रकार से शोध कार्यों व शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति हुई है, उससे निश्चित रूप से परिसर में शैक्षणिक वातावरण का माहौल पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि शोध कार्य किसी भी शिक्षण संस्थान की आत्मा होते हैं और यह गौरव का विषय है कि एएमयू में उच्च स्तर का शोध कार्य हो रहा है।

65 शोधार्थी ले रहे हिस्सा
कार्यशाला के समन्वयक डाॅ. शाह मुहम्मद खान ने कहा कि यह कार्यशाला छात्रों को शोध के विभिन्न तरीकों से परिचित कराने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में दस राज्यों के लगभग 65 शोधार्थी भाग ले रहे हैं। उपस्थितजनों का आभार समाज विज्ञान संकाय के डीन प्रो. शमीम अहमद अन्सारी ने जताया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. फौजिया अल सबा शेख ने किया।