
सीएमएचओ ढोके को हटाया, कैशियर पंवार निलंबित
आलीराजपुर. रविवार रात्रि को स्थानीय जिला चिकित्सालय में पदस्थ नर्स निधि फरकारे की दुर्घटना में हुई मौत के बाद 2 दिन से जिला चिकित्सालय में नर्सों के द्वारा हड़ताल एवं काम बंद करते हुए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस पर कार्रवाई करते हुए कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा ने जिला चिकित्सालय अलीराजपुर के सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन डॉ. प्रकाश ढोके तथा कैशियर दिलीप पंवार के खिलाफ की गई शिकायत पर बनाई गई दो सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट के प्रतिवेदन के आधार पर कैशियर दिलीप पंवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं उक्त पूरे मामले में जांच टीम के प्रतिवेदन के आधार पर सीएमएचओ और सिविल सर्जन डॉ. प्रकाश ढोके को उक्त पदों से तत्काल हटाने तथा डॉ. ढोके के विरुद्ध विभागीय जांच के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। वहीं डॉक्टरों द्वारा भी अपनी ओर से कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा से मिलकर सफाई दी गई है। नर्सों द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि उनका जिला चिकित्सालय में शोषण हो रहा है, जिसके चलते कलेक्टर मिश्रा ने एएसपी सीमा अलावा और नायब तहसीलदार संतुष्टी पाल को जांच समिति का सदस्य बनाकर नर्सो के बयान लिए गए थे। जिसकी रिपोर्ट एक बंद लिफाफे में मंगलवार शाम को नायब तहसीलदार पाल द्वारा कलेक्टर मिश्रा को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद अब कलेक्टर मिश्रा द्वारा इसका निर्णय लिया जाएगा। वहीं मंगलवार को नर्सों के द्वारा मौन रैली निकालकर कलेक्टर को आवेदन सांैपा। मांगों के समर्थन में नर्सों द्वारा हड़ताल की गई। उक्त घटनाक्रम के बीच इंदौर से रिजनल डायरेक्टर लक्ष्मी बघेल व संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवा डॉक्टर हुर गुनानी भी जिला चिकित्सालय पहुंचे। लेकिन देर शाम तक नर्सों के द्वारा कलेक्टर कार्यालय में चल रही चर्चा के कारण उनसे मुलाकात नहीं कर पाए। नर्सों की ओर से ग्लोरिया भवर ने आरोप लगाया डॉ. ढोके नर्सोंं के साथ दुव्र्यवहार करते हंै। केशियर का साथ देकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।
रैली, सौंपा ज्ञापन-मंगलवार को नर्सों ने मौन रैली निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन डॉ. ढोके व केशियर पंवार द्वारा समस्त स्टॉफ नर्सों को धमकाया जाता है व अश्लील हरकत की जाती है। स्टॉफ नर्स निधी फरकारे के उपचार में डॉ. धोके द्वारा व्यक्तिगत तौर पर लापरवाही बरती गई जिससे उसकी मृत्यु हुई। इसलिए उन पर आपराधिक केस दर्ज किया जाए।
नर्सों को हमेशा धमकाया जाता है
नर्सों की ओर से ग्लोरिया भवर ने कहा कि जिला चिकित्सालय में पदस्थ कैशियर पंवार को भ्रष्टाचार के आरोप में पहले भी हटाते हुए कलेक्टरोट में अटैच किया गया था जिसके बावजूद उक्त कर्मचारी द्वारा रात्रि में आकर चिकित्सालय के सारे काम करने के साथ फैसले लिए जाते थे। जब हमारे द्वारा डॉक्टर ढोके को कहा गया तो उन्होंने हमारी बात अनसुनी कर दी। वहीं लेखापाल पंवार बात बात पर हमको छोटे-छोटे गांव में भेजने की धमकी देता है, जिसके चलते नर्स कोई भी बात उक्त दोनों अधिकारी कर्मचारी के विरुद्ध नहीं कर पात है इसी का लाभ उठाते हुए वे हम लोगों का लगातार शोषण कर रहे हैं।
Published on:
03 Oct 2018 06:05 pm
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